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अमेरिका सरकार के सम्भावित विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने भारत के पक्ष में एक बड़ा बयान जारी किया है, उनके इस बयान से स्पष्ट हो गया है की अमेरिका में सरकार बदलने के बाद भी चीन को लेकर उनका रुख बहुत आक्रामक है.

हाल ही में चुनावी नतीजों के पश्चात् जो बाइडेन को नय राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किया गया है, परंतु आज एंटनी ब्लिंकेन के बयान ने बता दिया है की ट्रेम के बाद भी अमेरिका चीन को लेकर सख्त ही रहेगा.

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नई अमेरिका सरकार के सम्भावित विदेश मंत्री माने जाने वाले एंटनी ब्लिंकेन ने मंगलवार को अपने बयान जरिए चीन को कड़ी चेतावनी दी और कहा की चीन की विस्तारवादी नीती के विरुद्ध भारत की प्रमुख भूमिका रहने वाली है.

भारत की रहेगी प्रमुख भूमिका

एंटनी ब्लिंकेन ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से चीन को चुनोती देते हुए भारत के समर्थन में कहा की अमेरिका और भारत चीन के नापाक इरादों के समक्ष एक जैसी ही चुनोती का सामना कर रही है. इसी कारण इस मसले को लेकर नई दिल्ली को अमेरिका का साझेदार बनकर चीन के विस्तारवादी इरादों को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाए.

अमेरिका सरकार के सदस्य एंटनी ब्लिंकेन का बयान उस विकट समय में आया है जब चीन और भारत के मध्य सीमा को लेकर विवाद भी चल रहा है.

दरअसल अमेरिका की नई सरकार के विर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन जी ने हाल ही में एंटनी ब्लिंकेन बनाने की घोषणा की है.

सीनेट की विदेश संबंध समिति की स्वीक्रति के पश्चात् एंटनी ब्लिंकेन विदेश मंत्री का पद सम्भाल लेंगे, इससे पहले डोर्नाल्ड ट्रम्प की सरकार में इस पद पर माइक पोम्पिओ की नियुक्ति थी.

एंटनी ब्लिंकेन के इस बयान के बाद ये कहने कदापि गलत नहीं होगा जो बाइडेन की अमेरिका सरकार चीन की विस्तारवादी नीती को नहीं सहने वाली और ट्रम्प सरकार की तरह ही भारत का पूर्ण समर्थन करेगी.

अमेरिका में सत्ता बदलने के बाद की चीन को कोई राहत नहीं मिल रही है बल्कि अमेरिका की नई सरकार का रुख चीन और उसके विस्तारवाद के सामने ओर आक्रामक नजर आ रहें हैं.

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By Sachin

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