किसान
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देश के क्रांतिकारी किसानों का कहना है की भारत बन्द का सरकार पर कोई असर नहीं हुआ है, इसलिए हम किसान अब मिलकर भारत बन्द से भी बड़े और कड़े कदम उठाएंगे.किसान

देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसान पिछले 14 दिनों से दिल्ली में आन्दोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग है की सरकार द्वारा लागु किए गए नए क्रषि कानून के तीनों बिलों को वापस लिया जाए, रद्द किया जाए.

वहीँ आपको बता दें की किसानों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए और आन्दोलन को रफ़्तार देने के लिए 8 दिसम्बर को भारत बन्द का आवाह्न किया था. लेकिन देश का सिर्फ़ 25% ही भाग ही बन्द रहा. कुछ लोग किसानों के साथ खड़े दिखे तो वहीँ कुछ सरकार के पक्ष में नजर आए.

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अगर किसान संगठनों की माने तो ‘भारत बन्द का सरकार पर कुछ ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा’ ईसी लिए किसान संगठनों ने मिलकर यह फैसला लिया है की ‘हम आन्दोलन को ओर बड़े स्तर पर लेकर जाएंगे इसके लिए हम सरकार के खिलाफ़ कड़े कदम उठाने वाले हैं’.

किसान आन्दोलन को तेज करने के लिए उठाने वाले है ये कड़े कदम

8 दिसम्बर के भारत बन्द के बाद भारत की केन्द्र सरकार भी काफ़ी हरकत में आई थी. देश की भाजपा सरकार ने किसानों के बड़े संगठनों के नेताओं के साथ मुलाकात कर मसले को सुलझाने के लिए किसानों के आगे कुछ प्रस्ताव पेश किए. जिनको किसानों ने ख़ारिज करते हुए आन्दोलन को आगे और तेज करने का फैसला लिया.किसान

किसानी संगठनों ने आज प्रेस कोंप्रेस बुलाकर यह ऐलान किया की ‘हम आन्दोलन को तेज करने जा रहे हैं, और हम 12 दिसम्बर तक जयपुर से दिल्ली हाईवे को ब्लाक करेंगे, 14 दिसम्बर के दिन पूरे देश में जिला हेडक्वाटर पर मोर्चा लगेगा और पूरे देश में आन्दोलन जारी रहेगा’.

किसानों की तरफ़ से प्रेस कोंप्रेस को आगे सम्बोधन करते हुए जंग वीर सिंह ने आगे कहा की ‘हम लोग जियो सिम को, जियो के मौल और जियो के हर प्रोडक्ट का बहिष्कार करने जा रहे है जिससे मोदी के व्यापारी मित्रों को नुकसान होगा तो शाएद सरकार हमारी बात माने’ आगे अपनी बात को पूरा करते हुए जंग वीर सिंह ने कहा की ‘में सभी देश वासियों से अपील करता हूँ की जियो के सभी प्रोडक्ट को बहिष्कार करें’.किसान

आपको बता दें की आज किसानों के बड़े नेताओं के साथ केन्द्र सरकार ने मुलाकत कर इस मसले को सुलझाने के लिए. केन्द्र सरकार ने किसानों को लिखित में MSP, मंडी सिस्टम पर अपनी ओर से कुछ संशोधन सुझाए थे. लेकिन यह सुझाव किसानों को पसंद नहीं आए इस लिए किसानों ने सरकार द्वारा दिए गए प्रस्तावों को ख़ारिज कर आन्दोलन को रफ़्तार देने का फैसला किया हैं.

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By Sachin

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