मां लक्ष्मी मंदिर

हिंदुओं के अत्यंत पवित्र स्थानों में से एक हैं कोल्हापुर का मां लक्ष्मी मंदिर, इस रहस्यमय मंदिर के गर्भगृह का साल में दो बार सूर्य किरणों से अभिषेक होता है.

ऑपइंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी का यह मंदिर न केवल अपने आध्यात्मिक महत्व बल्कि एक दिव्य प्राकृतिक घटना के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसका साक्षात्कार करने के लिए हजारों भक्त भारत के कोने-कोने से आते हैं और यहां स्थित माता लक्ष्मी को मनाने के लिए हर साल भगवान वेंकटेश्वर, तिरुपति से एक शॉल भेजते हैं जो दीपावली को माता लक्ष्मी को समर्पित की जाती है. बता दें की यह मंदिर महारष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित हैं.

मां लक्ष्मी का ये दिव्य मंदिर 13 सौ वर्ष पुराना बताया जा रहा है, वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार 9वीं शताब्दी में राजा शिलहार यादव ने करवाया था. बताया जाता है की मंदिर के गर्भगृह की पवित्र मूर्ति को आज से 7 हजार सालों पहले स्थापित किया गया है. मूर्ति का वजन लगभग 40 किलो ग्राम का है और इसकी ऊंचाई 4 फिट तक की हैं.

महालक्ष्मी के इस पवित्र मंदिर में माता लक्ष्मी चतुर्भुज रूप विराजमान हैं और स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित इस प्रतिमा के सिर पर एक स्वर्ण मुकुट विराजमान है, देवी के इस मुकुट में भगवान विष्णु के प्रिय शेषनाग का चित्र बना हुआ है. बता दें स्थानीय लोगों द्वारा माता लक्ष्मी को अंबाबाई नाम से पुकारा जाता है, इसलिए इस मंदिर को अंबाबाई मंदिर भी कहा जाता है.

बता दें की माता के इस मंदिर में एक रहस्य भी दबा हुआ है, लक्ष्मी मां के अंबाबाई के मंदिर में वर्ष में दो बार सूर्य की किरणें गर्भगृह तक पहुंचकर अभिषेक करती हैं. जब सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें देवी महालक्ष्मी की प्रतिमा को स्पर्श करती हैं. पहले दिन सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें महालक्ष्मी के चरणों पर पहुँचती हैं, दूसरे दिन मध्य भाग में और तीसरे दिन माता लक्ष्मी के मस्तक को सूर्य की पहली किरण स्पर्श करती है. उस दिन पूरा गर्भगृह असंख्य रोशनियों से प्रकाशित हो जाता है. यह साल में दो बार ही होता है, गौरतलब है की यह मंदिर की वास्तुकला है या कोई चमत्कार, यह शायद कोई नहीं जनता.

विक्की पीडिया की जानकारी के अनुसार श्री अंबाबाई मंदिर भारत देश के हिंदू धर्म के अनुसार में पुराणों में सूचित किया हुआ विभिन्न शक्ति पीठों मैं एक है और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है. इन पुराणों के अनुसार, शक्ति पीठों में शक्ती माँ उपस्थित होकर जन कल्याण के लिये भक्त जनों का परिपालन करती है. भारत में स्थित छे शक्ती पीठों में कोल्हापुर मैं स्थित शक्ति पीठ बहुत ही सुप्रसिद्ध है क्योंकि यहाँ जो भी अपने विचारों को प्रकट करता है वो तुरंत माँजी के आशीर्वाद से पूरा हो जाता है या उस व्यक्ति मुक्ति पाकर उसका जनम सफल हो जाता है.

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By Sachin

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