ऑक्सीजन की कमी

ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी के कारण आज देश भर में हजारों मौते हो रही हैं. लेकिन देश की जनता ने जिस सरकार को चुना वो सरकार और देश की जनता के लिए जो उचित रहे वो निर्णय लेने वाली अदालत (Court) आज देश के इतने बड़े संकट में आमने-सामने आ गए हैं.

ऑक्सीजन की कमी

 

‘ऑक्सीजन’ (Oxygen) वो है जिस से इस धरती पर सभी जीव-जन्तु अपनी जीवन की रेखा को लम्बी कर रहे है लेकिन कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने तो ऑक्सीजन (Oxygen) की परिभाषा ही बदल कर रख दी. अब ऑक्सीजन (Oxygen) आम जन जीवन की जीवन रेखा को लम्बी करने के अलावा और कुछ कर रही हैं. आज यह एक अक्षर का शब्द मुख्य समाचार धारा (main stream media) की सुर्खियां बटोर रहा है और दिल्ली की राजनीत में इस हवा के मुद्दे ने आग लगा दी हैं. हम यह सब नहीं बोल रहे है आज दिल्ली के हालात यह सब बोल रहे हैं. ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से आज की तारीख में दिल्ली समेत देश भर में हजारों मौते हो रही हैं. लेकिन देश की जनता ने जिस सरकार को चुना वो सरकार और देश की जनता के लिए क्या सही है? और क्या गलत है? इसका फैसला करने वाली अदालत (Court) आज देश के इतने बड़े संकट के समय में आमने-सामने आ गए हैं.

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जी हां आज हालात यह है की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ़ दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) खड़ा है और दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के फैसलों के आगे दिल्ली सरकार और देश की केंद्र सरकार खड़ी हैं. दरअसल हुआ यूं की आज केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के फैसले के खिलाफ और उसको बदलने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए. आपको बता दें की दिल्ली की उच्च न्यायालय ने दिल्ली में हो रही ऑक्सीजन (Oxygen) की कालाबाजारी को रोकने के लिए दिल्ली में ऑक्सीजन (Oxygen) की जो कालाबाजारी कर थे उन्हें जेल में डालने का फैसला सुनाया. जिसका विरोध करते हुए केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई. जिसमें केंद्र सरकार का यह कहना है की करमचारियों को जेल में डालने से भी दिल्ली में ऑक्सीजन (Oxygen) कमी पूरी नहीं होगी.

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आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया जब इसके अधिकारी ऑक्सीजन की कमी दूर करने को लेकर अपने सर्वश्रेष्ठ कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों को जेल में रखने से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी’.

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इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि वह दिल्ली की ‘ऑक्सीजन मांग को पूरा करने की क्या योजना बना रही है?’ इसके साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों को दिल्ली में कोरोना संकट से निपटने के लिए सलहा देते हुए कहा की ‘उन्हें मुंबई को देखना चाहिए, क्योंकि बीएमसी (BMC Model) ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को संभालने के लिए अच्छा काम किया हैं’. आपको बता ते चलें की केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दर्ज की गई याचिका पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमण ने दिल्ली हाईकोर्ट के अवमानना आदेश पर केंद्र की याचिका को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.

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By Sachin

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