कोरोना
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मंदिरों में होने वाले दान पर प्रश्न उठाने वाले वामपंथी गिरोह अब खामोश हो चूका है क्योंकि एक नहीं कई मंदिर कोरोना से लड़ने के लिए आगे आए हैं.

कोरोना से इस लड़ाई में मंदिरों का सहयोग

देश भर में फैली महामारी से लड़ने के लिए कई मंदिरों ने अपना अपना योगदान देना आरम्भ कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार द्वारका के इस्कॉन मंदिर ने गरीबों को भोजन देने का निर्णय लिया है. मंदिर से जुड़ी महिमा सब्बरवाल ने जानकारी दी की ‘फ़ूड फॉर लाइफ’ के तहत ‘श्रवण कुमार सेवा’ का संचालन जारी है.

गोरतलब है की मंदिर ने रविवार 18 अप्रैल 2021 से यह कार्य आरम्भ किया था. अब तक 15 हजार से भी ज्यादा लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया गया है. शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूती देने वाला ही भोजन लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिमी जिले में सहायता के लिए 9717544444 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.

महारष्ट्र के जैन मंदिर ने भी महामारी से इस लड़ाई में अपनी भूमिका दर्ज कर दी है, कोरोना से लड़ने के लिए मंदिर को कोविड सेंटर में बदल दिया है मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित पावन धाम जैन मंदिर कोविड सेंटर में 100 ऑक्सीजन सहित बेड उपलब्ध हैं.

ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर भी कोरोना से लड़ने को तैयार

जानकारी के अनुसार ओडिसा के पूरी में स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर जनसेवा के लिए आगे आया. ‘श्री जगन्नाथ टेम्पल एडमिनिस्ट्रेशन’ ने सेवादारों, भक्तों और उनके परिवारों के लिए एक कोविड सेंटर की स्थापना का फैसला किया और इसकी व्यवस्था ग्रैंड रोड के ‘भक्त निवास’ में की गई हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर की रसोई से गरीबों के भोजन का बन्दोबस्त किया जा रहा है, मंदिर कई NGO के साथ मिलकर कोविड से संक्रमित लोगों तक भोजन पहुंचा रहा है. मारवाड़ी समाज ने कोविड मरीजों को अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन, दवा तथा आकस्मिक मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार का बीड़ा भी उठाया है.

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By Sachin

3 thoughts on “कोरोना संकट काल में मंदिरों का मिला साथ, वामपंथियों को किया खामोश”

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