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देश के सबसे बड़े संघ यानि आरएसएस ने किसान आंदोलन पर कहा की “राष्ट्र विरोधी ताकतें इस मुद्दे के समाधान के प्रयासों को विफ़ल कर रही हैं”.

आरएसएस

कर्नाटक में बेंगलुरु के चेन्नहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र में 19 मार्च 2021 से भारत के सबसे बड़े संघ ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ यानि RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है. बैठक के पहले दिन सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भय्याजी जोशी सहित कई ओर महानुभव भी उपस्तित रहे हैं.

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आरएसएस की रिपोर्ट- 2021

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपनी इस वर्ष यानि 2021 की रिपोर्ट के जरिए ये कहा है की ‘राष्ट्र विरोधी और असामाजिक ताकतें केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन का समाधान निकालने के प्रयासों को विफल करने का प्र्येत्न कर रही हैं’. RSS का मानना है की ‘किसी भी प्रदर्शन का बहुत लंबे समय तक जारी रहना किसी के भी हित में नहीं है’.

बता दें की नवंबर 2020 में केंद्र सरकार द्वारा देश भर में कृषि क्षेत्र के लिए नय कानून लागु किए गए थे, लेकिन उनमें से तीन कानूनों को पंजाब के किसानों ने विरोध प्रदर्शन और धरने शुरू कर दिए. इस प्रदर्शन ने किसान आंदोलन का रूप ले लिया है और अब तक दिल्ली के कई बोर्डर्स पर किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है, सरकार के कई प्रयासों के बाद भी इसका समाधान नहीं हो पा रहा है.

आरएसएस के अपने मत

RSS ने रिपोर्ट में अपने कुछ मत रखते हुए कहा की ‘हमारा मानना है कि ऐसी कोई समस्या नहीं होती जिसका समाधान न हो बस आवश्यक है तो बस गंभीर प्रयासों की’. संघ ने बताया की ‘चर्चा आवश्यक है और कुछ सहमतियों पर पहुंचना भी जरूरी है, भले ही सारे मुद्दों का समाधान न निकले’.

रिपोर्ट में आगे कहा गया की ‘किसी भी तरह का आंदोलन लंबे समय तक चले यह किसी के हित में नहीं है. चर्चा आवश्यक है लेकिन यह समाधान निकालने के विचार के साथ होनी चाहिए. संभव है कि सभी मुद्दों पर सहमति न बन पाए लेकिन किसी न किसी सहमति पर पहुंचना भी आवश्यक है’.

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By Sachin

One thought on “आरएसएस ने अपनी 2021 की रिपोर्ट में राष्ट्र विरोधी ताकतों पर निशाना साधा”

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