सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
Advertisement

सनातन धर्म के स्तंभ कह जाने वाले सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के रहस्यमय इतिहास की जानकारी विश्व में बहुत कम लोगों को है, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भी माना जाता है.

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

देश में स्थापित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे प्रसिद्ध माने जाने वाले सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे सोमनाथ मंदिर में स्थापित हैं. इस विशाल और प्रसिद्ध मंदिर में स्थित शिवलिंग में रेडियो धर्मी गुण हैं, जो पृथ्वी के ऊपर अपना संतुलन बनाए रखते हैं.

Advertisement

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का रहस्यमय इतिहास

भारत के इस पवित्र स्थल की प्रसिद्धि विश्व भर में विख्यात है, इस ज्योतिर्लिंग की महिमा का वर्णन महाभारत, श्रीमद्भागवत, स्कन्द पुराण और ऋग्वेद में भी देखने को मिलता है. इस वैभवशाली मंदिर में विराजमान शिवलिंग में रेडियो धर्मी गुण हैं, जो की इस धरती के ऊपर अपना संतुलन बनाए रखते हैं.

स्कंद पुराण के प्रभास खंड में इसके बारे में लिखा है की चंद्र देव ने प्रजापति दक्ष की 27 पुत्रियों से विवाह किया किंतु वे केवल देवी रोहिणी से ही अपना प्रेम बांटते थे, इससे क्रोधित होकर दक्ष ने चंद्र देव को क्षयी होने का श्राप दे दिया. श्राप के निवारण हेतु चन्द्रमा ने छ माह तक भगवान शिव की तपश्या की ओर शिव ने उन्हें वरदान स्वरूप श्राप से मुक्त कर दिया.

प्रसन्न होकर भगवान ने चंद्रमा के यश को ओर अधिक बढ़ाने हेतु स्वयं को इस स्थान पर अवस्थित कर लिया. सोम का अर्थ चंद्रमा और नाथ अर्थार्त स्वामी, इस प्रकार इस ज्योतिर्लिंग को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग कहा जाता है और इस स्थान को ‘सोमेश्वर’ एंव ‘प्रभास पट्टन’ के नाम से भी जाना जाता है.

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को ध्वस्त करने का प्रयास

भारत पर आक्रमण करने वाले विदेशी हमलावरों और मुस्लिम शाशकों ने इसे ध्वस्त करने का कई बार प्रयास भी किया किंतु इसका बाद में पुनर्निर्माण भी करवा दिया जाता, अंतिम बार सरदार वल्लभभाई पटेल ने महाराष्ट्र के काकासाहेब गाडगी की सलाह पर श्री सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया था गोरतलब है की मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य उनकी मृत्यु के पश्चात पूर्ण हुआ.

इसे भी पढ़ें:-

भारत देश में 12 स्थानों पर स्थित है शिव ज्योतिर्लिंग, जानिए महत्व

Advertisement

By Sachin