किसानों

गुरुवार 26 मई को काला दिवस मना रहे किसानों का उग्र हो गया, इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी देखने को मिली थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपी गेट पर किसान प्रदर्शनकारियों ने खूब हंगामा किया, यहां भी काला दिवस का असर दिखा और काले झंडे फेहराय गए. गोरतलब है की आंदोलन का सबसे चर्चित चेहरा यानि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने तो अपने सर की पगड़ी भी काली ही बाँधी हुई थी, उसने केंद्र को चेतावनी दी थी की किसान किसी भी हालत में नहीं झुकेंगे और किसानों को बचाने के लिए आंदोलन शुरू किया गया है. बताते चलें की किसानों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी यहीं हुई थी.

देश भर में पिछले 6 महीनों से किसान आंदोलन जारी है और प्रदर्शन के 6 महीने पुरे होने पर ही किसानों ने 26 मई को काला दिवस के रूप में मनाया. इस दौरान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने अपने अपने घरों और गाड़ियों पर काला झंडा भी फेहराया. ध्यान देने वाली बात यह भी है की इस काला दिवस वाले प्रदर्शन को कुछ विपक्षी दल भी समर्थन कर रहे थे, इस सूचि में कोंग्रेस, टीएमसी, एसपी, एनसीपी समेत कई पार्टियों का नाम भी शामिल हैं.

यूपी गेट पर हुए हंगामें के दौरान किसानों ने दावा किया की ‘जब तक तीनों कानून वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक आंदोलन खत्‍म नहीं होगा. यह आंदोलन लोकसभा चुनाव यानी 2024 तक चलेगा’. यहां किसानों ने जब केंद्र सरकार का पुतला फूंकना शुरू किया तो पुलिस ने इन्हें रोकने का प्रयास, जिसके कारण किसानों की पुलिस से धक्का मुक्की हुई थी. पुलिस के प्रयत्न के बाद किसान अपने मकसद में कामयाब हो गए और उन्होंने आख़िरकार केंद्र सरकार (central government) का पुतला फूंक दिया.

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