गंगा

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हाल ही में गंगा नदी में कुछ क्षत-विक्षत शवो के मिलने की खबर सामने आई थी. जिसके आधार पर योगी सरकार निशाना साधा गया. एनडीटीवी, हिंदुस्तान टाइम्सइंडिया टीवीडीएनए और ज़ी न्यूज़ जैसे कई मेनस्ट्रीम मीडिया हाउस की खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी के किनारे दो स्थानों पर कई शव रेत में दबे पाए गए.

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इस ख़बर से जुड़ी तस्वीरे सोशल मीडिया पर खूब शेयर की गयी. लेकिन अब इन तस्वीरो को नई बात सामने आई है. रायबरेली जिला प्रशासन के अनुसार गंगा घाट पर रेत में दबे शवों को दिखाने वाला वायरल वीडियो वास्तव में फर्जी है. प्रशासन के अनुसार उनके द्वारा विडियो में जिस जगह को लेकर दावा किया गया वहां  निरीक्षण में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है.

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इसके साथ ही इस खबर को लेकर सोशल मिडिया पर दो तस्वीरें वायरल होने लगी. इन में से एक तस्वीर में नदी अनेक शव तैरते हुए दिखाई दे रहे है. और उन पर कुत्ते और कौवे मंडराते दिखाई दे रहे है. वही एक दूसरी तस्वीर में तैरते हुए शवों के ऊपर गिद्ध और कौवे उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.

इन दोनों ही तस्वीरों को हाल की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. लेकिन इन तस्वीरों का असली सच कुछ और ही है. इन तस्वीरों को रिवर्स इमेज सर्च के द्वारा सर्च करने पर पता चलता है कि एक तस्वीर स्टॉक फोटो वेबसाइट गेटी इमेजेज पर 14 जनवरी 2015 को अपलोड हुई थी.

इस तस्वीर पर ये लिखा हुआ है कि  यह 14 जनवरी, 2015 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव में परियार घाट  से ली गयी थी. सर्च करने पर ये भी पता चलता है कि  द इंडियन एक्सप्रेस और एनडीटीवी जैसे कई मीडिया हाउसों ने उस समय भी इस घटना की रिपोर्टिंग की थी.

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