चीन

चीन अब ब्रह्मपुत्र नदी पर एक बड़ा बांध बनाने की योजना में जुट चूका है, किन्तु सवाल ये है की चीन देश की विकट आर्थिक परिस्थितियों में भी इस प्रकार के प्रोजेक्ट के बारे में कैसे सोच रहा है.

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रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के अर्थहीन निर्णय के विरोध में अब संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने भी भारत के साथ मिलकर चीन के ऐसे निर्णय का विरोध करने का फेसला ले लिया है. अब चीन में नापाक इरादों में लगाम लगेगी और चीन अपनी विस्तारवाद की नीती दुनिया भर में लागू करने में कभी सफल नहीं हो पाएगा.

चीन ने कहा कोविड 19 भारत की देन है

हाल ही में भारत से साथ लद्दाख के एल. ए. सी. पर सीमा को लेकर तनाव बढ़ाने के बाद अब उसंने पूरी दुनिया के सामने यह दावा प्रस्तुत किया है की कोरोना वायरस यानि कोविड 19 की भारत में निर्मित किया गया है.

इस बेतुके दावे के बाद शी जीमपिंग सरकार ने अब भारत के खिलाफ नया षड्यंत्र तैयार कर लिया है, चीनी सरकार अब अपने देश में पानी की पूर्ति करने के लिए भारत में आने वाली ब्रह्मपुत्र नदी पर एक बड़ा बांध बनाने की एक अर्थहीन योजना बना रहा है.

चीन के विरुद्ध और भारत के साथ हैं अमेरिका

अभी कुछ समय पहले ही संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में नई सरकार का निर्माण हुआ है और अब अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन को सबकी सहमती से नियुक्त किया गया है.

अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने  उसके विस्तारवाद नीती के खिलाफ ओर अधिक आक्रामक रुख अपनाने का निश्चय किया है. उन्होंने ऐंटनी ब्लिंकेन को विदेश मंत्री के रूप चुनने का निर्णय लिया है.

अमेरिका के सम्भावित नए विदेश मंत्री ऐंटनी ब्लिंकेन का पद भार सम्भालने से पूर्व ही बयान दिया था की चीन की विस्तारवाद वाली नीती का सामने करने के लिए भारत अमेरिका के साथ मिलकर एक अहम भूमिका निभाने वाला है.

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