कृषि कानून

जब से केन्द्र सरकार ने देश में नए कृषि कानून का ऐलान किया है तभी से देश भर में इसका विरोध हो रहा हैं. देश के अन्नदाता किसान तो इसके विरोध में सड़कों पर खड़े हैं, इसी कारण कुछ राजनीतिक दल NDA को छोड़कर अलग रास्ता चुन लिया हैं.

कृषि कानून

देश में करीब पिछले एक महीने से अन्नदाता किसान नए कृषि कानून का विरोध में प्रदर्शन और आन्दोलन कर रहे हैं. बड़े-बड़े सिंगर और बॉलीवुड अभिनेता भी किसानों के समर्थन में बोलते हुए नज़र आए. पूरा विपक्ष भी इन कानून के विरोध में और किसानों के समर्थन में हैं. लगभग सभी विपक्षी राजनीतिक दल तो केन्द्र सरकार के विरोध में तो थे ही लेकिन अब एक-एक करके NDA के समर्थन वाले राजनीती दलों ने भी इनका विरोध करना शुरू कर दिया हैं.

NDA के साथी दल सिर्फ़ NDA द्वारा लाए गए इन कृषि कानूनों का विरोध ही नहीं कर रहे जबकी NDA को छोड़ कर अपना अलग रास्ता चुन रहे हैं. ऐसे में आइए जानते है की कृषि कानूनों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को छोड़ने का फैसला कर चुके है?

अब तक दो बड़े राजनीतिक दलों ने छोड़ा NDA का साथ

नए कृषि कानून ने दो बड़े राजनीतिक दलों को NDA को छोड़कर अलग रास्ते पर चलने के लिए मजबूर कर दिया हैं. जिन पार्टियों ने नए क्रषि कानूनों के चक्कर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को छोड़ा है उनमें से एक है शिरोमणि अकाली दल और दूसरी पार्टी RLP (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) हैं.

शिरोमणि अकाली दल ने तो पहले ही NDA का साथ छोड़ दिया था. लेकिन आज RLP (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने का ऐलान किया. हनुमान बेनीवाल ने कहा की ‘मैं एनडीए छोड़ने का ऐलान करता हूं. मैंने तीन कृषि कानूनों के विरोध में NDA छोड़ दिया है. ये कानून किसान विरोधी हैं’.

कृषि कानून

लेकिन हनुमान बेनीवाल का कहना है की ‘NDA छोड़ कर में कोंग्रेस में नहीं जाऊंगा, हम अब 2023 के चुनावों में अकेले लड़ेंगे’.

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