राम मंदिर

राम जन्मभूमि अयोध्या में श्री राम का भव्य राम मंदिर में अब कुल ₹1800 करोड़ का खर्च आएगा, साथ रामलला के गर्भगृह में विराजमान की भी तिथि आ गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पूरे होने की आस लगाए बैठे उन लाखों-करोड़ों भक्तों के लिए खुशी की खबर सामने आई है। अगले साल मक्रर सक्रांति के अवसर पर रामलला मंदिर में विराजमान हो जाएँगे। इसके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने तारीख फिक्स कर दिया है। हालाँकि, मंदिर के निर्माण में लगने वाला बजट भी बढ़कर 1800 करोड़ रुपए पर पहुँच गया है। देखें वीडियो:-

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि बीते 2 साल से मंदिर के निर्माण कार्य के बीच खाते के मैनेजमेंट का जिम्मा टाटा को दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पहले मंदिर का बजट 400 करोड़ रुपए निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1100 कर दिया गया। दरअसल, मंदिर के 70 एकड़ के परिसर में सात और मंदिरों को बनाया जाएगा। ये मंदिर रामायण के अहम पात्र रहे महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, जटायु तथा माता शबरी के होंगे।

इस मामले को लेकर चंपत राय ने कहा, “यह तय किया गया है कि राम मंदिर के साथ महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, जटायु तथा माता शबरी के लिए भी स्थान सुनिश्चित होगा। इन सभी के स्थान को पूजा का स्थान दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति के स्वीकार कर लिया गया।” मंदिर के बजट को लेकर चर्चा के लिए ट्रस्ट की एक बैठक हुई, जिसमें 15 में से 14 सदस्य शामिल हुए। उसमें भी 2 लोग ऑनलाइन इसमें शामिल हुए। वहीं मंदिर की खास झलक भी सामने आई है।

बैठक के बाद चंपत राय ने पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट कहा कि पहले 400 करोड़ रुपए का बजट था, लेकिन काम शुरू होने के बाद इसमें बदलाव करना पड़ा। अब इसे 1800 करोड़ किया गया है, लेकिन इसमें भी संशोधन की गुंजाइश है। इस बैठक के दौरान शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और सबसे पहले बाबरी ढाँचे के नीचे राम मंदिर के होने के सबूत खोजने वाले एएसआई के पूर्व निदेशक बृज बिहारी लाल को श्रद्धांजलि दी गई।

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