आदि विनायक मंदिर

तिलतर्पणपुरी में स्थित आदि विनायक मंदिर संसार का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां पर भगवान गणेश जी गजमुख के बजाए मानव मुख रूप में विराजते हैं.

आपने अपने जीवन में हमेशा सुना है और देखा भी है भगवान श्री गणेश का मानव मुख उनके पिता भगवान शिव के त्रिशूल द्वारा काटे जाने के बाद से उनकी देह पर गज यानि हाथी का मुख सुशोभित किया गया. आप इन्हें इसे रूप पूजते हैं, लेकिन संभवतः आदि विनायक मंदिर पूरी दुनिया का एक मात्र ऐसा मंदिर हैं जहां भगवान श्री गणेश की पूजा मानव मुख के रूप में की जाती हैं. यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में कुटनूर से लगभग 3 किमी दूर तिलतर्पणपुरी धाम में स्थित हैं.

ऑपइंडिया की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक इस पवित्र मंदिर का संबंध त्रेतायुग से भी हैं, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम जब अपने पिता की मृत्यु के बाद पिंडदान कर रहे थे, तब उनके द्वारा बनाए गए चावल के पिंड कीड़ों में बदल जा रहे थे. श्री राम ने जितनी बार चावल के पिंड बनाए, उतनी बार वो कीड़ों में बदल जाते. अंततः उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की, तब महादेव ने उन्हें आदि विनायक मंदिर जाकर विधि-विधान से पूजा करने के लिए कहा. इसके बाद भगवान राम आदि विनायक मंदिर आए और महाराजा दशरथ के लिए पूजा करी.

मनाकुला विनायगर मंदिर: फ्रांसीसियों के हमलों के बावजूद कोई नुकसान नहीं

बताया जाता है की भगवान राम के द्वारा बनाए गए चावल के 4 पिंड शिवलिंग में परिवर्तित हो गए, वे सभी पिंड आदिविनायक मंदिर के पास ही मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित हैं. इसके बाद से देश के कोने कोने से लोग यहां अपने पूर्वजों को मुक्ति दिलाने के लिए आने लगे. बता दें की आदि विनायक मंदिर के पास ही माता सरस्वती का भी मंदिर स्थापित हैं, प्राचीन कवि ओट्टकुठार ने देवी के इस मंदिर की स्थापना की थी.

इसे भी जरुर ही पढिए:-

खजराना गणेश मंदिर: यहां उल्टा स्वास्तिक बनाओ और आपकी सारी इच्छाएं पूरी होगी

By Sachin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *