भगवंत मान

पंजाब के सीएम भगवंत मान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बहुत ही अजीब बयान देते नजर आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कॉमेडियन से सांसद और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार वो अपने बयानों को लेकर खासा चर्चा में हैं। मान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “अगर कभी मेरे मुँह से किसानों को लेकर कुछ गलत निकल गया हो तो वो किसान मुझसे तुरंत माफी माँग सकता है।” मान ने कहा कि भले ही गलती उनसे हुई हो, लेकिन माफी किसान माँगें। देखें ये वीडियो:-

इसे बेशर्मी की हद ही कहा जाएगा कि अपने भाषण के दौरान भगवंत मान को अपनी गलती का अभास भी हो गया। वो कहते हैं, “क्या हुआ गलती हो गई! अरे जब मैं कभी कोई गलती करता ही नहीं तो माफी किस बात की।” पंजाब के सीएम ने ये बेतुकी बातें हिमाचल प्रदेश के मंडी में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान कही।

बता दें इस मौके पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी स्टेज पर मौजूद थे। इस दौरान खास बात ये रही कि जिस वक्त भगवंत मान इस तरह का बयान दे रहे थे उस दौरान आप के कार्यकर्ता उनकी जय-जयकार कर रहे थे। अपने भाषण के दौरान भगवंत मान ने एक और कॉमेडी की। उन्होंने एक कहानी का जिक्र करते हुए कहा, “एक बार भारत का कोई सड़कों का मंत्री कानाडा के दौरे पर गया और वहाँ अपने समकक्ष से मिला। हमारे वाले मंत्री (भारत) ने वहाँ के मंत्री से पूछा कि आपके यहाँ कोई भ्रष्टाचार भी  नहीं है, फिर भी इतना अच्छा घर और गाड़ियाँ कैसे।”

उन्होंने आगे कहा, “इस पर कनाडा के मंत्री ने भारतीय मंत्री को छत पर बुलाया और सामने दिखाकर कहा कि वो जो हाईवे जा रहा है, उसी में से केवल आधा परसेंट ले लिया। करीब 6-7 महीने के बाद कानाडा का वही मंत्री भारत के दौरे पर आया और अपने समकक्ष से मिला। भारतीय मंत्री के पास कानाडाई मंत्री से भी महंगी गाड़ी और घर देखकर कानाडा के मंत्री ने इसका कारण पूछा, तो अपने वाले ने भी उसे छत पर आने को कहा। छत पर पहुँचते ही भारतीय मंत्री ने सामने खेतों को दिखाकर कहा कि वो सामने हाईवे देख रहे हो, ये सारा कुछ उसी के कारण हुआ है। इस पर कनाडा के मंत्री ने पूछा कि कौन सा हाइवे तो भारत के मंत्री ने कहा कि अगर ये गाड़ी और घर ने लिए जाते तो वहीं से हाईवे निकलना था।”

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल मई में भगवंत मान ने गेंहूँ के बोनस को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को अनुचित करार दिया था। उन्होंने कहा था कि उस दौरान भी मान की जुबान फिसल गई थी, उन्होंने कहा था, किसानों के साथ बातचीत के लिए मेरे दरवाजे खुले हैं, लेकिन खोखले नारे पानी के स्तर को और कम करने के उनके दृढ़ संकल्प को नहीं तोड़ सकते।”

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