अजमेर

पूरे देश की नजरें इस समय ज्ञानवापी में चल रहे सर्वे पर टिकी हुई है, लेकिन अब उसकी लहर भारत भर में फैलती जा रही है। जिसमें अब अजमेर का नाम भी शामिल होने जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अजमेर की हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह (Ajmer Dargah) को लेकर चौंकाने वाला दावा सामने आया है। महाराणा प्रताप सेना (Maharana Pratap Sena) ने दावा किया है कि मंदिर को तोड़ कर अजमेर दरगाह को बनाया गया है। महाराणा प्रताप सेना ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और केंद्र सरकार को भी पत्र लिख कर इसकी जांच कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही MPS ने एक फोटो भी जारी की है:-

आपको बताते चलें की महाराणा प्रताप सेना के संस्थापक राजवर्धन सिंह परमार (Rajvardhan Singh Parmar) ने अपने फेसबुक पोस्ट पर एक तस्वीर भी शेयर की जिसके बारे में उन्होंने दावा किया है कि वह अजमेर दरगाह की है। दावा किया जा रहा है कि अजमेर दरगाह की खिड़कियों पर स्वस्तिक के निशान बने हुए हैं। महाराणा प्रताप सेना चीफ ने देवा किया है “अजमेर दरगाह की जगह पहले एक मंदिर था जिसे दरगाह बना दिया गया है। यह दरगाह पृथ्वीराज के द्वारा बनाया गया एकलिंग मंदिर को कब्जा करके बनाई गई है।”

वहीं संगठन की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पत्र भी भेजा गया है, इस पत्र के मुताबिक अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा दरगाह (Ajmer Dargah) एक प्राचीन मंदिर है। पत्र में दरगाह की दीवारों से हिंदू धर्म से संबंधित कमल के फूल और स्वास्तिक जैसे प्रतीक मिलने का दावा भी किया गया है। पत्र में ये अनुरोध भी किया गया कि भारतीय पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण भी कराया जाए। सर्वेक्षण के परिणाम स्वरूप हिंदू धर्म के प्रतीक मिलने के लिए भी आश्वस्त किया गया है।

गौरतलब है की इस पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, राजस्थान के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, अर्जुन मेघवाल और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को भी भेजा गया है। संगठन अध्यक्ष ने इस मामले को लेकर कोर्ट में कानूनी तौर पर अर्जी देने की भी बात कही है। इसी मामले को लेकर संगठन आज यानि 26 मई को सुबह 11 बजे प्रेस कांफ्रेंस भी करेगा।

वहीं आपको जानकारी देते चलें की इससे पहले संगठन महाराणा प्रताप सेना (Maharana Pratap Sena) ने राजधानी दिल्ली की तीन सड़कों के नाम बदलने की मांग की थी। जिसमें अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप मार्ग, शाहजहां रोड का नाम बदलकर परशुराम मार्ग और हुमायूं रोड का अहिल्याबाई होलकर करने की मांग की थी।

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