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समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक विवादित बयान जारी कर दिया है, इसमें उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का भी अपमान कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बनी ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanwapi Masjid) में शिवलिंग प्रकट होने के बाद पूरे देश की निगाहें अदालती कार्यवाही पर लगी हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने इस पूरी घटना का मजाक उड़ाते हुए हिंदू धर्म पर विवादित बयान दिया है।

आपको बताते चलें की अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) बुधवार को लखनऊ में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान उनसे ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanwapi Masjid) परिसर में शिवलिंग प्रकट होने के बारे में सवाल पूछा गया. इस पर अखिलेश यादव ने हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते हुए कहा “हमारे हिंदू धर्म में यह है कि पीपल के पेड़ के नीचे कहीं पर भी पत्थर रख दो। उस पर लाल झंडा लगा दो तो वह मंदिर बन जाता है।”

गौरतलब है की अखिलेश यादव ने अपने बयान को यहीं नहीं रोका और उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का अपमान किया, उन्होंने कहा “एक समय ऐसा था कि रात के अंधेरे में मूर्तियां रख दी गई थीं। बीजेपी कुछ भी कर सकती है और कुछ भी करा सकती है। इसका कुछ भी भरोसा नहीं है।” अब अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है।

वहीं सपा प्रमुख ने माफियाओं और बदमाशों के खिलाफ चल रहे बुलडोजर अभियान को मुसलमानों के खिलाफ बताया। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा “बुलडोजर कार्रवाई केवल डराने के लिए है। ये बुलडोजर केवल धर्म, जाति और हमारे मुसलमान भाईयों को डराने के लिए है। बुलडोज़र कार्रवाई बड़े लोगों के लिए नहीं है।”

बता दें की अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के ये विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं और लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा पिता ने अयोध्या के कारसेवकों पर गोली चलवाई थी। वहीं अब बेटा हिंदू धर्म का मजाक उड़ा रहा है। इन्हें सनातनी कहलाने का कोई हक नहीं है। वहीं एक ओर यूजर ने लिखा “अखिलेश और सपा का हिंदू विरोध खुलकर सामने आ चुका है। अब हिंदुओं को समझ जाना चाहिए कि उनके मन में हिंदू धर्म के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है।”

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