बंगाल में भागाबंगोला

पश्चिम बंगाल की भागाबंगोला विधानसभा सीट से तृणमूल कोंग्रेस के इदरिस अली की जीत, 2 साल पहले यहां RSS के कार्यकर्ता को रेता गया था.

हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कोंग्रेस ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की है, इस बड़ी जीत से ये भी तय हो गया है की बंगाल में फिर एक बार ममता बनर्जी की सरकार आने वाली है. भारतीय जनता पार्टी 2016 के विधानसभा चुनावों में केवल 3 सीटों पर जीत पाई थी मगर इस बार उनका प्रदर्शन शानदार था और वे 77 सीटों पर जीतीं.

बंगाल में भागाबंगोला से तृणमूल कोंग्रेस की जीत

नंदीग्राम के अलावा पश्चिम बंगाल में एक ओर ऐसी सीट थी जिस पर सभी की नजर बनी हुई थी, मुर्शिदाबाद जिले की भागाबंगोला सीट वही सीट हैं. बता दें की यहां से भी तृणमूल कोंग्रेस के प्रत्याशी की ही जीत हुई हैं, यहां TMC के विजयी रहे उम्मीदवार इदरिस अली को 1 लाख 53 हजार 795 वोट मिले और दुसरे नंबर पर रहे भाजपा के प्रत्याशी महबूब आलम को महज 16 हजार 707 वोट ही मिले.

गोरतलब है की 1971 के बाद से भागाबंगोला विधानसभा सीट से कोई भी हिंदू प्रत्याशी विधायक नहीं बन सका है, बता दें की 1971 में ही भारी संख्या में बंगलादेश से लोग यहां आकर बसे थे. जानकारी के अनुसार TMC के विजयी उम्मीदवार इदरिस अली को 2007 में तस्लीमा नसरीन के कोलकाता आगमन पर पार्क सर्कस इलाके में हुए दंगे के मामले में गिरफ्तार भी किया गया था.

RSS के कार्यकर्ता को परिवार सहित रेता गया

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2 वर्ष पूर्व यहां विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्र स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता को उसके परिवार सहित रेता गया था. प्रफेशन से वे शिक्षक थे. प्रकाश पाल और उनकी गर्भवती पत्नी और छह साल के मासूम बेटे की घर में घुसकर धारदार हथियारों से नृशंस हत्या कर दी गई थी. मगर उस समय भी सत्ताधारी टीएमसी ने इस मामले को संपत्ति विवाद घोषित करते हुए राजनीतिक हत्या पर पर्दा डाल दिया गया था.

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