भोजेश्वर मंदिर

मध्यप्रदेश की राजधानी से 32 किलोमीटर की दुरी पर स्थित भगवान शिव का भोजेश्वर मंदिर का एक राज अब तक किसी को भी नहीं पता है.

भोजेश्वर मंदिर भोपाल से 32 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में बेतवा नदी के दाहिने ओर एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित हैं, इस मंदिर को भोजपुर मंदिर भी कहा जाता है. इस अधूरे मंदिर में भीतर का शिवलिंग भी दुर्लभ हैं. बता दें की इस दिव्य मंदिर का निर्माण मध्य भारत के परमार वंशीय राजा भोजदेव ने करवाया है, राजा भोजदेव जी स्थापत्य एवं विद्या के महान संरक्षक एवं महान लेखक भी थे.

ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने एक रात में करवाया था, बता दें की पांडव अपने वनवास के दौरान माता कुंती के साथ यहीं आस-पास वनों में निवास कर रहे थे. इस दौरान भीम ने विशाल पत्थरों से ही इस मंदिर का निर्माण किया और शिवलिंग की स्थापना की, जिससे माता कुंती बेतवा नदी में स्नान करके भगवान शिव की पूजा कर सकें. लेकिन मंदिर का निर्माण पूरा न हो सका इसके पीछे का कारण अब तक किसी को भी नहीं पता है.

भगवान शिव का भोजेश्वर मंदिर आज भी अधुरा है, जिसका प्रमाण मंदिर के आस-पास स्थित अधूरे पिलर और मूर्तियाँ स्वयं हैं. इस मंदिर का द्वार पश्चिम दिशा की ओर हैं. यह 106 फीट ऊंचा और 77 फीट चौड़ा भी हैं. मंदिर 17 फुट ऊँचे एक चबूतरे पर निर्मित किया गया है, मंदिर के गर्भगृह की अपूर्ण छत 40 फुट ऊँचे चार स्तंभों पर टिकी हुई है. बता दें की मंदिर के गर्भगृह का विशाल द्वार दो तरफ से गंगा एवं यमुना की प्रतिमाओं से सुसज्जित है, चार स्तंभों में शिव-पार्वती, सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण और ब्रह्मा-सावित्री की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है.

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By Sachin

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