अखिलेश यादव

यूपी विधान सभा चुनाव 2022 से इतने समय पहले ही राज्य में सियासी घमासान चरम पर है, लखीमपुर घटना के अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ़ बड़ा बयान दिया है, उन्होंने दावा किया की भारतीय जनता पार्टी अगले साल होने वाले चुनावों से पहले नय कृषि कानूनों को वापस ले लेगी और चुनाव के बाद वापस लागु भी कर देगी. बता दें की हाल ही में लखीमपुर नरसंहार के बाद सभी विपक्षी दल जबर्दस्त किसान हितेषी बन चुके हैं और लगातार मीडिया के सामने सरकार पर हमला कर रहे हैं.

इसी क्रम में अखिलेश यादव ने कहा “बीजेपी कोई भी साजिश रच सकती है. यह भी संभव है कि बीजेपी सरकार तीन काले कृषि कानूनों को वापस ले ले, चुनाव कराए और उन्हें फिर से किसान पर लागू कर दे. लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था- जय जवान, जय किसान. आज जवान दुखी है और किसान भी तनाव में है. जो किसान हमें कपड़े देता है, जो हमें खिलाता है, उसका इस तरह अपमान किसी भी देश में कभी नहीं हुआ. सरकार में बैठे लोग किसानों का अपमान कर रहे हैं, उन्हें आतंकवादी कहा गया है”.

बता दें की नवंबर 2020 में तीन नय कृषि कानूनों को लागू किया गया था, जिसके बाद से कई किसान संगठन इसका विरोध कर रहे हैं और मामला अब हिंसा तक पहुंच चूका है. सरकार के मुताबिक ‘किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020’ का उद्देश्य किसानों को राज्य कृषि उपज मंडी समितियों की बाधाओं से मुक्त करना है, जिससे वे अपनी उपज कहीं भी बेच सकेंगे. ‘मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020’ का किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता किसानों को कृषि सेवाओं के लिए प्रोसेसर, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं, निर्यातकों के साथ जुड़ने के लिए सुरक्षा और अधिकार देता है. ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020’ निर्दिष्ट करता है कि अनाज, दाल, आलू, खाद्य तिलहन और तेल सहित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति केवल असाधारण परिस्थितियों में ही विनियमित की जाएगी.

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