मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड राज्य में 51 हिंदू मंदिरों से सरकारी नियंत्रण को हटा लिया है, यह निर्णय उन्होंने विरोध के चलते लिया है.

UK के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस फैसले से पहले विश्व हिंदू परिषद के दल से भी एक विशेष मुलाकात भी की थी. बता दें की जिस 9 अप्रैल की तारीख को उन्होंने ये विशेष निर्णय लिया उस 9 अप्रैल को उनका जन्म दिवस भी है.

उत्तराखंड

उत्तराखंड में मंदिरों से हटाए सरकारी नियंत्रण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में जनवरी 2020 में राज्य के सभी मंदिरों के प्रबंधन के लिए उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड के गठन का फैसला लिया गया था. राज्य सरकार ने ‘चारधाम श्राइन मैनेजमेंट बोर्ड ऐक्ट 2019’ भी पारित किया था जिसके अंतर्गत यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत 51 मंदिरों का प्रबंधन सरकार के अधिकार क्षेत्र में आ गया था.

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद पुजारियों ने इसका खूब विरोध भी किया, यह विरोध निरंतर जारी रहा. परिणाम स्वरूप वर्तमान मुख्य मंत्री तीरथ सिंह रावत ने इन 51 मंदिरों से सरकारी नियंत्रण हटाने का फैसला लिया. गोरतलब है की उन्होंने यह फैसला ऐसे समय में लिया जब देश भर के मंदिरों से सरकारी नियंत्रण हटाने की मांग लगातार उठ रही है.

उत्तराखंड के सीएम का आया बड़ा बयान

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इस फैसले के बाद कहा की “हम पूरे अधिनियम की जाँच करेंगे और 51 मंदिरों को इस अधिनियम के अधिकार क्षेत्र से बाहर लाने के लिए कदम उठाएँगे”. बता दें भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडू चुनावों के दौरान यह घोषणा करी है की “राज्य में उनकी सरकार बनने के बाद मंदिरों के प्रबंधन के लिए एक अलग बोर्ड का गठन किया जाएगा”.

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