महिर भोज

भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखे गए नाम ‘राजा महिर भोज’ को याद करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने उनकी विशाल प्रतिमा का किया अनावरण.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर 2021 बुधवार को गौतमबुद्ध नगर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया, इसके अलावा सीएम योगी ने दादरी विधानसभा की 12 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण भी किया. बता दें की यहीं से उन्होंने जनता को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा “राजा मिहिर भोज नौंवी सदी के एक महान धर्मरक्षक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे”.

उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा “मैं उनको (राजा मिहिर भोज) नमन करता हूँ, जो कौम अपने इतिहास व परंपराओं को विस्मृत कर देती है, वह अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर पाती. महापुरुषों को कभी जातीय सीमाओं में कैद नहीं करना चाहिए. उनका महान बलिदान किसी व्यक्ति या परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए होता है. माँ पन्ना धाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर महाराणा को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया था. उनके इस महान त्याग पर सिर्फ गुर्जर समाज को नहीं, अपितु संपूर्ण भारत को गौरव की अनुभूति करनी चाहिए”.

सीएम योगी ने कहा “तालिबानियों जैसे मजहबी अराजक तत्व पूरी मानव-जाति के लिए खतरा हैं. यदि ‘राष्ट्रधर्म’ पर आँच आई तो कोई व्यक्ति, जाति या मजहब सुरक्षित नहीं रहेगा. यदि किसी को लगता है कि देश की सुरक्षा खतरे में आ जाए तब भी वह सुरक्षित रह लेगा, तो यह उसकी गलतफहमी होगी. इतिहास में हुई लीपापोती को अब मिटाया जा रहा है. राजा माहिर भोज का इतिहास पढ़ने पर पता चलता है कि उनके शासन के बाद डेढ़ सौ वर्षों तक कोई भी आक्रांता यहाँ आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सका. ये सुरक्षा का भाव राजा मिहिर भोज ने दिया था. वो एक शिवभक्त थे. आप इतिहास को पढ़िए, पानीपत के युद्ध के बारे में पढ़िए. उस समय भारतीय सेना संगठित न होने के कारण विदेशी आक्रांता सेंध लगा जाते थे”.

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By Sachin

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