महाकाल लोक

महाकाल लोक के पहले चरण में महाकाल पथ, महाकाल वाटिका, रुद्रसागर तालाब के किनारे का डेवलपमेंट समेत मुख्य द्वार, नाइट पार्क व अन्य विस्तार शामिल हैं।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक महाकाल की नगरी कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के उज्जैन में वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर एक नए महाकाल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसे ‘महाकाल लोक’ नाम दिया गया है। 793 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस लोक में एक अलग तरह की व्यवस्था होगी। देखें अद्भुत वीडियो:-


खास बात ये है कि यहाँ भगवान भोलेनाथ की महिमा का वर्णन डिजिटल तरीके से किया जाएगा। अगले महीने नवंबर में पीएम मोदी इसका उद्धाटन करेंगे। खास बात ये है कि उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर पहले 2 एकड़ में फैला हुआ था, लेकिन इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद इसका क्षेत्रफल बढ़कर 20 एकड़ का हो गया है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान भोलेनाथ की कथाओं को सुनने के लिए किसी गाइड की आवश्यकता नहीं होगी।

बल्कि, लोग यहाँ आकर क्यूआर कोड को स्कैन करके बड़ी ही आसानी से कथाओं को सुन सकेंगें। महाकाल लोक में 52 म्यूरल, 80 स्कल्प्चर और 200 मूर्तियाँ हैं। इनके माध्यम से भगवान शिव की लीला को बताया गया है। महाकाल लोक में 52 म्यूरल, 80 स्कल्प्चर और 200 मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। यहाँ 500 डिवाइसों को लगाया गया है। हर मूर्ति पर क्यूआर कोड लगा है।

श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल पर ‘उमा’ ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद श्रद्धालु जिस किसी भी मूर्ति के क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, ऐप उसकी कथा को ऑडियो सिस्टम में सुनाएगा। इस व्यवस्था के शुरुआती चरण में फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी भाषा को शामिल किया गया है, जिसे भविष्य में और अधिक भाषाओं के साथ उन्नत करने की योजना है।

महाकाल लोक परियोजना का पहला चरण सफलता पूर्वक पूरा किया जा चुका है। प्रथम चरण में महाकाल पथ, महाकाल वाटिका और रूद्र सागर तालाब के किनारे, इसका मुख्य द्वार और नाइट लाइट का विकास किया जा चुका है। 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। महाकाल के तमाम भक्त उस क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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