दिल्ली

वर्तमान में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पर ED की कार्यवाही के कारण AAP सरकार आलोचनाओं में घिर चुकी है, इसी बीच मनीष सीसोदिया के एक वीडियो ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वामपंथी पोर्टल द वायर की रिपोर्ट के आधार पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के खिलाफ पीपीई किट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर सीएम सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर पलटवार किया है। सीएम सरमा ने मनीष सिसोदिया को आपराधिक मानहानि केस मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।

आपको बताते चलें की बुधवार (1 जून 2022) को विवादित पोर्टल ने एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसमें उसने आरोप लगाया कि कथित तौर पर रिंकी भुयान के मालिकाना हक वाली वाली एक कपंनी को कोरोना से निपटने के लिए पीपीई किट और दूसरे कोविड से जुड़े सामानों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला था। इसके बाद रिंकी भुयान सरमा ने द वायर की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और कहा कि ये पूरी तरह से फ्री था।

मगर फिर भी 4 जून 2022 को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। मनीष सिसोदिया ने इस प्रेस कांफ्रेंस में उसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुयान सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और एक नए विवाद को तूल दे दिया।

गौरतलब है की सिसोदिया के आरोपों का सीएम सरमा ने प्रतिउत्तर भी दिया, उन्होंने कहा “ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे खराब महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट थी, मेरी पत्नी ने आगे आने और लगभग 1500 दान करने का साहस किया। जान बचाने के लिए सरकार को मुफ्त में उसने एक पैसा भी नहीं लिया।”

बताया जा रहा है की उन्होंने पीपीई किट दान करने के रिंकी भुयान सरमा के स्वामित्व वाली कंपनी के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन असम के निदेशक द्वारा लिखित प्रशंसा पत्र भी संलग्न किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बाद एक कई ट्विट्स करके कुछ दस्तावेज भी साझा किए हैं। उन्होंने सीसोदिया से कहा “उपदेश देना बंद करो और मैं आपको जल्द ही गुवाहाटी में देखूँगा, क्योंकि आप आपराधिक मानहानि का सामना करेंगे।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक ट्वीट में लिखा “मनीष सिसोदिया ने उस समय बिल्कुल अलग पक्ष दिखाया था। आपने दिल्ली में फंसे असमिया लोगों की मदद के लिए मेरे कई कॉल्स को ठुकरा दिया। मैं एक उदाहरण कभी नहीं भूल सकता, जब मुझे दिल्ली के मुर्दाघर से एक असमिया कोविड पीड़ित का शव लेने के लिए सिर्फ 7 दिन इंतजार करना पड़ा।”

इसे भी जरूर ही पढ़िए:-

असम में हुआ BSF के क्षेत्राधिकार का विस्तार, CM ने कही ये बातें

%d bloggers like this: