दिल्ली

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है दिल्ली के कुछ बच्चों ने केजरीवाल और सिसोदिया के झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक अक्सर देखा जाता है कि विपक्षी पार्टियाँ  दिल्ली सरकार के स्कूलों में शिक्षा के मॉडल पर सवाल उठाती रहती हैं, लेकिन उसे राजनीति मान लिया जाता है। लेकिन जब उन्ही स्कूलों में पढ़ते वाले पीड़ित इसकी सच्चाई बयाँ करने पर उतर आएं फिर तो उसे मानना ही पड़ेगा। बेहतक एजुकेशन का ढिंढोरा पीट रहे केजरीवाल का दिल्ली के स्कूली छात्रों ने ही पोल खोल दिया है। देखें वीडियो:-

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को बीजेपी ने शेयर किया है। इसमें स्कूली बच्चों को अपनी व्यथा बताते हुए देखा जा सकता है। छात्रों ने शिकायत की कि स्कूल प्रशासन उन्हें टीन के बने शेड में बैठाता है। गर्मी के कारण टीन गर्म होने से तापमान बढ़कर दोगुना हो जाता है। इस कारण से कई स्टूडेंट्स बेहोश भी हो चुके हैं। छात्रों का आरोप है कि इन स्कूलों में न तो पंखे की व्यवस्था है और न ही पानी की। स्टूडेंट को पानी पीने के लिए स्कूल के बाहर जाना होता है।

स्कूल में शौचालय की सुविधा भी नहीं है। इसी कड़ी में एक छात्र ने बताया को वो 9वीं कक्षा से 11वीं में पहुँच गया। लेकिन बैठने को केवल टीन का शेड ही मिला। पक्की छत इन्हें नसीब तक नहीं हुई। केजरीवाल सरकार के एजुकेशन मॉडल पर छात्रों का कहना था कि अध्यापक स्कूल में आते ही नहीं हैं, तो मॉडल किस बात का। अगर सर कभी आए भी तो वो बस कुर्सी पर बैठकर फोन चलाते रहते हैं। बच्चों का कहना है कि ये लोग पढ़ाते-लिखाते तो हैं नहीं। एक अन्य छात्र ने कहा, “केजरीवाल सरासर झूठ बोल रहे हैं।”

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल लगातार दिल्ली के अस्पताल और स्कूलों के एजुकेशन मॉडल का नाम लेकर चुनावी राज्यों में प्रचार कर रहे हैं। हाल ही में गुजरात में चुनावी प्रचार के दौरान भी उन्होंने दिल्ली के शिक्षा मॉडल और वहाँ के मोहल्ला क्लीनिक हेल्थ सिस्टम  की बड़ाई करते हुए कहा था कि अगर उनकी सरकार आती है तो वो उस मॉडल को गुजरात में अप्लाई करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या वो इस तरह के शिक्षा मॉडल को गुजरात को देना चाहते हैं।

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