पीएम मोदी

पीएम मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को लागू किया। इस दौरान उन्होंने एक ऐसी बात कही जिसे सुनकर वहाँ बैठे लोगों की तालियों से सभा गूंज उठी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कम्यनिकेशन स्किल ही उनकी ताकत है। अपने इसी कौशल के जरिए वो सभी के दिलों पर राज करते हैं। मौका कोई भी हो वो अपने विरोधियों को लपेटने में कामयाब रहते हैं। इसी क्रम में इस बार उन्होंने देश के उभरती ताकत होने और वैश्विक स्तर पर उसकी साख के मजबूत होने का उदाहरण देते हुए कॉन्ग्रेस पर भी निशाना साधा। देखें पीएम मोदी का वीडियो:-

पीएम ने इशारों में कहा कि पहले कबूतर छोड़े जाते थे, लेकिन अब वक्त बदल गया है। अब हम चीते छोड़ रहे हैं। मौका था राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के लॉन्च का। शनिवार (17 सितंबर 2022) को दिल्ली में पीएम मोदी ने देशभर में प्रोडक्ट्स के निर्बाध ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के लिए इस पॉलिसी का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार ने लॉजिस्टिक्स पर लगने वाली लागत को 13% से घटाकर 8% कर दिया।

कार्यक्रम में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, “देश बदल रहा है। आज हम विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। एक समय था जब कबूतर उड़ाकर छोड़ते थे, आज चीता छोड़ रहे हैं।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने चीता छोड़ने की घटना और लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को आपस में कनेक्ट करते हुए कहा कि दोनों ही घटनाओं का आपस में बड़ा तगड़ा संबंध है।

उन्होंने कहा क्योंकि हम भी चाहते हैं कि सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक चीते की स्पीड से जाए। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की गूँज चारों ओर है। भारत ने केवल निर्यात के बड़े लक्ष्य तय कर रहा है, बल्कि नियत समय पर उन्हें पूरे भी कर रहा है। देश आज मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभर रहा है और ये अब दुनिया के मन में  अपने लिए स्थिरता का निर्माण कर रहा है।

नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का मतलब बताते हुए कहा कि भारत में लास्ट माइल डिलिवरी तेजी से हो, ट्रांसपोर्ट की चुनौतियाँ खत्म हों, जिससे उद्योगों का समय और पैसा दोनों ही बचे और उसी का एक स्वरूप नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी है। बता दें कि पीएम मोदी ने शनिवार को भारत में चीतों की भी 70 साल बाद वापसी करवाई।

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