धारा 370

कोंग्रेस नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने बेतुका बयान देते हुए घाटी में बढ़ रही नरहत्या पर धारा 370 की समाप्ति को गलत बताया.

रिपब्लिक भारत की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने एक मीडिया इन्टरव्यू में केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा “सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर गलती की थी और राज्य दो भागों में बंट गया. 144 धारा और कर्फ्यू लगाने या 16 हजार लोगों को जेल में डालने से चीजें खराब हो गई हैं. मुझे फिर से लगता है कि हमें समाधान खोजना होगा”. गौरतलब है की गुलाम नबी आजाद का ऐसा अजीबों गरीब बयान तब आया है, जब घाटी में बेकसूर नागरिकों की हत्याएं हो रही है.

पूर्व मुख्यमंत्री और कोंग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा “पिछले तीन दशकों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में उतार-चढ़ाव आया है. मैं मामले पर राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे समय में आतंकवाद में भारी कमी आई. लेकिन फिर ये बढ़ रहा है. इसका मतलब यह नहीं है कि एक विशेष नेता या व्यक्ति या व्यवस्था आतंकवाद के पक्ष में थी”. उन्होंने आगे कहा “पहले जब हमारे पास राज्यपाल शासन नहीं था, हर शासन में- चाहे वह फारूक साहब का समय हो, मेरा समय हो, मुफ्ती साहब का समय हो, उमर साहब का समय हो या महबूबा का आतंकवाद और विकास दोनों चीजें एक साथ चल रही थीं. कभी आतंकवाद कम था, कभी अधिक था. लेकिन हमने विकास को प्रभावित नहीं होने दिया”.

बता दें की भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 एक ऐसा अनुच्छेद था जो जम्मू और कश्मीर को स्वायत्तता प्रदान करता था, लेकिन 5 अगस्त 2019 में इसे भारत की केंद्र सरकार द्वारा हटा दिया गया. गौरतलब है की यह संविधान के 21वें भाग में अनुच्छेद के बारे में परिचयात्मक बात कही गयी थी अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष प्रावधान.

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By Sachin

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