हनुमानजी

आंध्र प्रदेश के ‘तिरुपति तिरुमला देवस्थानम’ यानि TTD बोर्ड ने हनुमानजी के जन्म को लेकर प्रमाणित तथ्यों को गहन रिसर्च के बाद उजाकर कर दिए हैं.

भगवान श्री राम के अनन्य भक्त श्री बजरंग बली जी की भक्ति और शोर्य की अनेकों कथाएं तो आपने सुनी होंगी, लेकिन आज आपको रिसर्च प्रमाण के साथ उनके जन्म की रहस्यमय कथा का बोध होने वाला है. दरअसल TTD ने 4 महीनों की गहन रिसर्च के बाद हनुमानजी के जन्म की गुत्थी को सुलझा दिया है.

हनुमानजी

हनुमानजी के जन्म की रहस्यमय कथा

नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति और TTD के विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बने वी मुरलीधर शर्मा ने हनुमानजी के जन्म के रहस्यों को उजाकर करते हुए बताया की तिरुमला सप्त पहाड़ियों में स्थित अंजनाद्रि पहाड़ी ही हनुमान जी का जन्मस्थल है. बता दें इसको पूरी तरह से साबित करके 21 अप्रैल 2021 यानि बुधवार को इसकी घोषणा एक कार्यक्रम के दौरान की गई.

वी मुरलीधर शर्मा ने कहा की “पौराणिक संकलन, साहित्यिक और एपिग्रफिक के सभी सबूतों के अलावा भौगोलिक साक्ष्य भी कहते हैं कि भगवान श्री हनुमान जी का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था और वेंकटाचलम को अंजनाद्रि सहित 19 नामों से जाना जाता है और त्रेता युग में अंजनाद्रि में हनुमान का जन्म हुआ था”

उन्होंने आगे कहा की “वेंकटगिरी से ही हनुमान ने सूर्य की तरफ छलाँग लगाई थी, जब ब्रह्मा और इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया, वो नीचे गिर पड़े और अंजना देवी अपने पुत्र के लिए रोने लगीं, तत्पश्चात देवताओं ने वहाँ आकर हनुमान को कई वरदान दिए और कहा कि ये पर्वत अब से अंजनाद्रि नाम से जाना जाएगा”.

हनुमानजी के जन्म को लेकर प्राचीन कथाओं और आधुनिक विज्ञान का विलय

प्राचीन कथाओं की मान्यता के अनुसार वेंकटाचल माहात्म्य और स्कन्द पुराण में कहा गया है की “अंजना देवी ने महंत ऋषि के पास जाकर पुत्र प्राप्ति का रास्ता बताने के लिए आग्रह किया था, फिर उन्हें वेंकटाचलम पर तपस्या करने को कहा गया, कई वर्षों के तप के बाद उन्हें जिस पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई, वो हनुमानजी हुए”.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति वी मुरलीधर शर्मा ने भी इसी कथा को सत्य बताते हुए स्त्येक प्रमाण भी सबसे सामने पेश किए. मुरलीधर शर्मा ने बताया की वराह पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण में भी बाल हनुमान द्वारा सूर्य को निगलने की कथा आती है.

इसे भी पढिए:-

ब्राजील के राष्ट्रपति ने हनुमानजी की तस्वीर शेयर कर किया भारत का धन्यवाद, कही ये बातें

3 thoughts on “हनुमानजी के जन्म की रहस्यमय कथा, TTD ने रिसर्च के बाद किया खुलासा”
  1. Excellent post. I was checking continuously this blog and I’m impressed! Extremely helpful information particularly the last part 🙂 I care for such info a lot. I was looking for this particular information for a very long time. Thank you and good luck.

Leave a Reply

%d bloggers like this: