संबित पात्रा

बढ़ते कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए झारखंड की हेमंत सरकार ने रामनवमी जुलुस पर रोक लगा दी, इस पर भाजपा ने आपत्ति जताई है.

देश भर में कोरोना के मामले फिर से एक बार बढ़ने शुरू हो गए हैं, ऐसे में केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें भी अपने अपने स्तर पर इससे निपटने की तैयारी में जुट चुकी है. बता दें की देश भर में 29 मार्च तक कुल 56 हजार 211 नय मामले सामने आए हैं, वहीं पूरी दुनिया में 27 मार्च तक कुल 6 लाख 14 हजार 489 नय मामले उभरकर सामने आए हैं.

झारखंड

झारखंड में रामनवमी जुलूस नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस महामारी के वापसी का हवाला देते हुए राज्य में रामनवमी के अवसर निकलने वाले जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया है, सरकार का दावा है की इससे राज्य में कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण कसा जाएगा. हेमंत सोरेन की सरकार ने कथित तौर पर राज्य में तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना मामलों पर नियंत्रण लगाने के लिए ऐसे दिशा निर्देश जारी किए हैं.

भाजपा ने झारखंड सरकार का किया विरोध

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार और हेंमत सोरेन के इस फैसले का विरोध किया है, झारखंड में गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने हेमंत सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बात कह दी है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा की “सारे विरोध के बावजूद जब बाबा का मंदिर मैंने सुप्रीम कोर्ट से आदेश लेकर खुलवा दिया, इसी बात पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से लड़ाई कर मैं और मेरा परिवार 22 केस लड़ रहा है और बाबा की कृपा से जीत हासिल भी कर रहा है तो रामनवमी का पूरे झारखंड में जुलूस के लिए भी मैं सुप्रीम कोर्ट तक जाऊँगा. हिम्मतें मरदा मददे ख़ुदा”.

इससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी के हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने विधानसभा में इसका विरोध करते हुए कहा की “रामनवमी हजारीबाग में श्रद्धा का त्योहार है और जुलूस पर प्रतिबंध लगाने से लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचेगी”.

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