हिंदुओं

गाज़ियाबाद के डासना में स्थित शिव शक्ति मंदिर में शुक्रवार को हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और दिन भर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए. हिंदुओं के सैलाब ने दिन भर सुर्खियां बटोरी.

उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले में डासना इलाके के भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक मंदिर में शुक्रवार 19 मार्च 2021 के दिन विश्व हिंदू परिषद और लगभग सभी हिंदू संगठनों व श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर दिन भर ईश्वर के दर्शन किए और ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए.

दरअसल पिछले कई दिनों से डासना शिव – शक्ति मंदिर से जुड़े एक मामले को वामपंथी मीडिया अपने तरीके से पेश कर रही है. मामला यह था की आसिफ़ नाम के किशोर की मंदिर के परिसर में श्रंगा यादव नामक युवक ने पिटाई कर दी, आसिफ का कहना था की वो तो बस पानी पीने गया था और मुसलमान होने के कारण उसकी पिटाई हुई जबकि श्रंगा यादव ने उसका पर्दाफाश करते हुए कहा की “वो लड़का झूठ बोल रहा है, वो पानी पीने नहीं शिवलिंग पर टॉयलेट कर रहा था इसलिए उसकी पिटाई की थी”.

हिंदुओं के जन सैलाब के बाद बदले असलम के तेवर

बहुजन समाजवादी पार्टी के विधायक असलम चौधरी ने इस मुद्दे में बोलते हुए मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती को धमकी देते हुए कहा था की “यह जो बाबा है, वह बहुत बड़ा गुंडा है, माफिया है, इसने माहौल बिगाड़ने का काम किया है, मैं मंदिर में जाऊँगा। मैं देखता हूँ कि कौन रोकता है”.

वहीं हाल ही उनका एक नया बयान भी आया है जिसमे वे अपनी बातों से मुकरते कहते हैं की “मेरा ऐसा कोई बयान नहीं है कि मैं जुमे की नमाज़ के बाद मंदिर जाऊँगा और न ही मेरा जाने का ऐसा कोई प्रोग्राम है, पुलिस प्रशासन अपनी व्यवस्था देख रहे हैं, कई संगठनों के फोन आए थे मैंने उनसे भी कहा शांति भंग करने का मेरा कोई बयान नहीं है”.

हिंदुओं के जन सैलाब ने किया समर्थन

बता दें की इतनी बड़ी तादाद में जमावड़े वजह असलम चौधरी का बयान ही था, ये सभी यहां उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोकने के इरादे से आए थे. दरअसल मंदिर के गेट पर एक बोर्ड लगा हुआ है जिस पर लिखा है “यह मंदिर हिन्दुओं का पवित्र स्थल है, यहाँ मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है”, गोरतलब है की अब इस बोर्ड का साइज़ दोगुना कर दिया गया है.

इसे भी पढ़ें:-

श्रंगा यादव ने खोली आसिफ़ की पोल, शिवलिंग पर किया था टॉयलेट

%d bloggers like this: