होयसलेश्वर मंदिर

हासन जिले के हलेबिड नामक स्थान पर स्थित है महादेव को समर्पित होयसलेश्वर मंदिर, मंदिर की संरचना इतनी अद्भुत है मानो मशीन द्वारा बना हो.

भारत में अनेकों मंदिर अपने आप में अनूठे हैं, मगर कुछ मंदिर तो इतने दुर्लभ और अद्भुत होते हैं की लगता है मानो मशीनों द्वारा निर्मित हुए हों. ऐसा ही एक मंदिर दक्षिण राज्य कर्नाटक के हासन जिले में हलेबिड नामक स्थान पर होयसलेश्वर मंदिर स्थापित हैं. इसकी स्थापना वर्ष 1121 में तत्कालीन राजा विष्णुवर्धन द्वारा करवाई गई थी. यह मंदिर अत्यंत ही भव्य हैं, इसके नक्काशी को देखकर ऐसा प्रतीत होता है की इस तरह मनुष्य के हाथों होना असंभव हैं और इसलिए लोग इसे मशीन द्वारा निर्मित मानते हैं.

ऑपइंडिया की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक होयसल राजाओं ने अपने शासनकाल में लगभग 1,500 मंदिरों का निर्माण कराया जिनमें से अधिकांश मंदिर भगवान शिव को समर्पित थे. होयसलेश्वर मंदिर भी उनमें से एक है जिसका निर्माण सन् 1121 में हुआ था. इस मंदिर का निर्माण होयसल राजा विष्णुवर्धन के शासनकाल में हुआ था और निर्माण में योगदान विष्णुवर्धन के एक अधिकारी केटामल्ला ने भी दिया था. लेकिन मंदिर के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था राजा विष्णुवर्धन ने ही कराई थी.

बता दें की केटामल्ला ने मंदिर की संरचना और अद्भुत निर्माण में अपना पूरा योगदान दिया. मंदिर के आस – पास का ढंग देखकर माना जाता है की इस होयसलेश्वर मंदिर का कई बार जीर्णोद्धार भी कराया जा चूका है. इतिहास में इस मंदिर के वैभव से घृणा रखते हुए विदेशी आक्रांताओं ने इस पर कई बार हमले भी किए और इसे लुटा भी है. इसमें अफगानी आक्रांता और तत्कालीन दिल्ली के शासक अलाउद्दीन खिलजी के नाम के साथ – साथ मुहम्मद बिन तुगलक का नाम भी शामिल हैं. हलेबिड का प्राचीन नाम द्वारसमुद्र था, लेकिन इन सभी आक्रमणों के बाद से इस शहर का नाम विजयनगर साम्राज्य स्थापित हुआ.

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