उज्जैन महाकाल मंदिर

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर में विस्तातिकरण प्रोजेक्ट के दौरान यहां खुदाई में सैकड़ों वर्षों पुरानी मूर्तियाँ व दिवार भी मिली हैं.

मीडिया एजेंसी आज तक की रिपोर्ट् के अनुसार उज्जैन महाकाल मंदिर में विस्तातिकरण प्रोजेक्ट के तहत खुदाई के दौरान 11वीं और 12वीं शताब्दी की कई मूर्तियां मिली हैं, जांच टीम का यह भी कहना है कि गहराई में जाने पर और भी बहुत कुछ मिलने की संभावना है. बता दें की उज्जैन के महाकाल मंदिर को तिरुपति, सोमनाथ, मदुरई, मीनाक्षी देवी की तर्ज पर बनाया जाना तय हुआ, पिछले साल 18 दिसंबर को सबसे पहले मंदिर क्षेत्र की खुदाई के दौरान भी प्राचीन दीवार व नक्काशी किए गए पत्थर धरती में से निकले थे.

जानकारियों के मुताबिक मंदिर की खुदाई में मिले ऐतिहासिक अवशेषों को सुरक्षित अन्न क्षेत्र में रखा गया है. करीब दो वर्षों से खुदाई व निर्माण कार्य चल रहा है. मध्य प्रदेश पुरातत्व अधिकारी ने की खुदाई में कई चीजों के मिलने की पुष्टि भी कर दी है, मंदिर के विस्तातिकरण को लेकर मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस साल 12 जनवरी को उज्जैन पहुंचे थे और CM चौहान ने पांच सौ (500) करोड़ की लागत से विस्तारीकरण योजना को मंजूरी दी थी.

बता दें की उज्जैन महाकाल के इस दिव्य और भव्य मंदिर का इतिहास शुंग काल से जुड़ा हुआ है, जिसकी पुष्टि स्वयं मध्य प्रदेश पुरातत्व अधिकारियों की टीम ने भी की है मंदिर क्षेत्र के गर्भ में मिले इतिहास का निरीक्षण करने पहुंची मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की पुरातत्व संरक्षण की जांच टीम ने बताया की ‘मंदिर में मिले अवशेषों से स्पष्ट हुआ है कि मंदिर शुंग काल में भी स्थापित रहा है’ पुरातत्व संरक्षण की जांच टीम का मानना है कि दक्षिण में शुंग काल की दीवार और उत्तर में मूर्तियां 11वीं और 12वीं शताब्दी की मिली हैं जिसमें स्तम्भ खंड, शिखर के भाग, रथ का भाग और भरवाई कीचक इत्यादि शामिल हैं, इन सब चीजों से स्पष्ट होता है कि शुंग काल में भी मंदिर की स्थापना रही है.

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By Sachin

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