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कर्नाटक के शिवमोगा में उठे बवाल पर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा का बड़ा बयान सामने आया, उन्होंने हिंदू विरोधियों को खुली ललकार लगाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक के शिवमोगा में सांप्रदायिक तनाव के लिए “कुछ मुस्लिम गुंडों” पर आरोप लगाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने मंगलवार को उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू समाज को कमजोर मत समझना और अगर पूरा समुदाय एक साथ खड़ा हो जाए तो वे जिंदा नहीं बचेंगे। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।

आपको बताते चलें कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना करते हुए मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों से अपने बच्चों का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया, जिन्होंने गलत रास्ता चुना है। उधर, शिवमोगा में तनाव के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं कर्नाटक सरकार में मंत्री रहे और भाजपा नेता केएस ईश्वरप्पा ने मंगलवार को कहा “हिंदू समाज मजबूत है, कमजोर नहीं है।”

इस दौरान उन्होंने कहा “सरकार शांति बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी हिंदू और मुस्लिम ऐसी चीजों में शामिल हैं। अगर हिंदू समाज वास्तव में खड़ा होता है, तो मुस्लिम गुंडे नहीं बचेंगे, लेकिन हिंदू मैं कानून को हाथ में नहीं लेना चाहता और चाहता हूं कि सरकार कार्रवाई करे। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर ‘नमूना’ दिखाया है, लेकिन फिर भी गुंडागर्दी और हत्या की ऐसी हरकतें जारी हैं।”

केएस ईश्वरप्पा ने कहा “मैं मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों को बताना चाहता हूं, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी मुसलमान गुंडे हैं। मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों ने अतीत में शांति के लिए प्रयास किए हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि गुंडागर्दी करने वाले युवाओं को सलाह दें, यदि नहीं तो सरकार कार्रवाई करेगी और उन्हें इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री रविवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हिंदुत्व के प्रतीक वी डी सावरकर की तस्वीर के साथ एक बैनर लगाने को लेकर दो समूहों के बीच विवाद के बाद अपने गृह जिले शिवमोगा में सांप्रदायिक तनाव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने शिवमोगा के घटनाक्रम को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने का उल्लेख करते हुए कहा, जिला मुख्यालय शहर में आज शांति है, लेकिन इस तरह के “हत्या के प्रयास यह दर्शाते हैं कि कुछ ‘मुसलमान’ गुंडों और एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी) की मानसिकता है नहीं बदली है”।

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