टीचर

सोशल मीडिया पर झारखंड के एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ छात्रों ने अपने टीचर को ही कम नंबर के कारण पेड़ से बांध और जमकर पिटाई कर दी।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक सनातन संस्कृति में गुरू की महिमा का वर्णन करते हुए उन्हें ईश्वर से भी ऊँचा दर्जा दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरू ही एक छात्र के कैरियर के संवारकर उसे एक आकार देते हैं। लेकिन ताजा मामले में झारखंड के दुमका में परीक्षा में फेल हुए छात्रों ने अपने शिक्षक/टीचर का सम्मान तो छोड़िए, उन्हें पेड़ से बाँधकर जमकर पीटा। देखें ये वीडियो:-

आपको बताते चलें कि इन छात्रों का आरोप है कि शिक्षकों ने उनकी जिंदगी को बर्बाद कर दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि तीन लोगों को एक पेड़ से बाँधा गया है। छात्रों के हाथों में डंडे थे। एक छात्र वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। वो कह रहा था कि इसने हमारी जिंदगी खराब कर दी है। इसका वीडियो बनाओ जनता को पता चलना चाहिए।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि शिक्षकों को पीटने का ये मामला झारखंड के दुमका जिले के गोपीकंदर गाँव के स्कूल का है। 27 अगस्त 2022 को झारखंड एकेडमिक काउंसिल का रिजल्ट जारी हुआ था। इसमें स्कूल के 32 में से 11 छात्रों को ‘DD’ ग्रेड दिया गया, जिसे फेल माना जाता है। इस मामले को लेकर जब छात्रों ने शिक्षकों से मुलाकात की तो उन्हें कोई जबाव नहीं दिया गया। फिर क्या था नाराज छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शिक्षकों के साथ मारपीट कर उन्हें पेड़ से बाँध दिया। बहरहाल मामले की जाँच की बात कही जा रही है।

भारतीय संस्कृति में गुरू का दर्जा है सबसे ऊपर

गुरूर्ब्रम्हा गुरू: विष्णु, गुरूर्देवो महेश्वर:

गुरू: साक्षात परब्रम्ह, तस्मै श्री गुरवे नम:

भारत की सनातन संस्कृति में गुरू का दर्जा भगवान से भी ऊपर रखा गया है, जहाँ उन्हें परब्रम्ह की संज्ञा दी जाती है। लेकिन झारखंड के दुमका में छात्रों द्वारा शिक्षकों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार इस अवधारणा को पूरी तरह से कलंकित करता है।

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