पश्चिम बंगाल

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पश्चिम बंगाल और पंजाब सहित कई राज्यों को कोरोना काल के दौरान फर्जी आंकड़ों को लेकर 27 जून 2021 को लताड़ा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोरोना काल में नकली आंकड़ों के मामले पर देश के सर्वोच्च न्यायालय यानि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई के दौरान इन सरकारों से पूछा की “वो कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की सूची व विवरण क्यों नहीं साझा कर रहे हैं?” इसके अलावा कोर्ट ने जम्मू – कश्मीर के प्रशासन को भी खरी-खोटी सुनाई. बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी सरकारों से कहा की “अनाथ हुए बच्चों के डिटेल्स ‘बाल स्वराज’ की वेबसाइट पर उपडेट कर दें”.

पश्चिम बंगाल के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा की “अनाथ बच्चों की सूची व उनका विवरण तैयार कर लिया गया है और  इन डिटेल्स को ‘राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) को भेज भी दिया गया है”. इस बात का जवाब देते हुए कोर्ट ने कहा की “क्या पूरे राज्य में कोरोना काल के दौरान सिर्फ 27 बच्चे ही अनाथ हुए?” बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने यह शंका भी जताई है की ये आँकड़े सही स्थिति को बयां करते हैं.

इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा की “आप बाकी राज्यों के आँकड़े देखिए. ऐसा तो नहीं है कि आपके राज्य में कोरोना था ही नहीं. आप ये मत समझिए कि आंकड़ों पर विश्वास कर लेंगे. हमें ये समझ में नहीं आ रहा है कि आप क्यों नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या किया जाना चाहिए”. बताया जा रहा है की सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल की सरकार के ऐसे बर्ताव की कड़ी आलोचना भी की, साथ ही ‘डायरेक्ट्रेट ऑफ चाइल्ड राइट्स एंड ट्रैफिकिंग’ के सचिव को नोटिस भी जारी किया.

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