आईएनएस विक्रांत

छत्रपती शिवाजी महाराज को समर्पित आईएनएस विक्रांत एक रक्षा मंत्रालय की ओर से शेयर किया गया है, जिसमें यह दिखाया गया है कि ये नया युद्धपोत भारत के दुश्मनों को कैसे खटिया खड़ी करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय नौसेना के इतिहास में 2 सितंबर 2022 का दिन उस वक्त इतिहास में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णत: स्वानदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को नेवी में शामिल किया। आप भी  भारतीय रक्षा मंत्रालय (Indian Defense Ministry) की ओर से नए युद्धपोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) का धमाकेदार वीडियो देखें:-

वहीं ब्रिटिश गुलामी के प्रतीक रहे इंडियन नेवी के झंडे से क्रॉस को हटाकर भारतीय नौसेना को एक नया झंडा भी समर्पित किया। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने आईएनएस विक्रांत को छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित कर दिया। नेवी के नए प्रतीक में अब शिवाजी महाराज की ढाल से प्रेरित एक अष्टकोणीय प्रतीक को भी सम्मलित किया गया है।

छत्रपति शिवाजी महाराज को फादर ऑफ इंडियन नेवी कहा जाता है। उन्होंने ने ही 17वी सदी में नौसना की स्थापना की थी। ताकि समुद्री रास्तों से होने वाले विदेशी आक्रमणों से देश की रक्षा की जा सके। भिवंडी, कल्याण और पनवेल में उनकी जहाजों का निर्माण हुआ था। कई रिपोर्टों में ऐसा दावा किया गया है कि शिवाजी महाराज की नौसेना में 700 व्यापारी शामिल थे। 1670 में उन्होंने कोलाबा जडिले के नंदगाँव में 160 जहाजों को इकट्ठा करके नेवी की एक फ्लीट तैयार की थी।

विक्रांत ने देश को नए विश्वास से भर दिया

एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा, “विक्रांत विशाल है, विराट है, विहंगम है। विक्रांत विशिष्ट है, विक्रांत विशेष भी है। ये 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विक्रांत आत्मनिर्भर होते भारत का अद्वितीय प्रतिबिंब है।”

वहीं उन्होंने इस मौके पर ये भी कहा कि भारत आज दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी तकनीक से इतने विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण कर सकता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि INS विक्रांत ने देश को एक नए विश्वास से भर दिया है। इससे देश में एक नए भरोसे का निर्माण हुआ है। इसके एयरबेस में जो स्टील लगी है, वो स्टील भी स्वदेशी है।

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