जटोली शिव मंदिर

सोलन में स्थित यह जटोली शिव मंदिर बहुत प्राचीन शिवालय हैं, मंदिर 122 फीट ऊंचा है और सबसे अद्भुत परिसर के पत्थरों से निकलने वाली डमरू की आवाज है.

देश भर महादेव के अनेकों मंदिर हैं, जिनमें से जटोली शिव मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध भी हैं. क्योंकि इस मंदिर परिसर के पत्थरों को स्पर्श करने से अद्भुत तरीके डमरू की आवाज निकलती हैं. यह मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित है. इस मंदिर की ऊंचाई की बात करें तो यह 122 फीट ऊंचा है, इसी के साथ देश के सबसे ऊँचें शिव मंदिरों में से एक हैं. इस मंदिर का इतिहास बहुत ही प्राचीन हैं, स्थानीय मान्यताओं में कथा भी प्रचलित हैं.

ऑपइंडिया की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक जटोली शिव मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों के द्वारा मान्यत है की बहुत समय पहले भगवान शिव ने अपनी एक यात्रा के दौरान इस स्थान पर आए थे और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता से मोहित होकर कुछ दिनों तक रुके भी थे. जटोली के लोग तब पानी की भीषण कमी से जूझ रहे थे. लोगों के इस संकट को दूर करने के लिए स्वामी कृष्णानन्द ने भगवान शिव की घोर तपस्या की और अपने त्रिशूल से प्रहार कर जमीन से पानी बाहर निकाला। तब से जटोली के लोगों को कभी पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ा.

प्रथम में इस मंदिर की ऊंचाई केवल 11 फीट ही थी. लेकिन बाद में इसके शिखर पर 11 फीट का स्वर्ण कशल सुशोभित किया गया, जिसके कारण इस मंदिर की ऊंचाई 122 फीट तक चली गई. यह मंदिर उत्तर भारत के सबसे उंचे मंदिरों की सूचि में भी शामिल हैं. मंदिर के चारों तरफ भगवान शिव और माता पार्वती समेत विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं. मंदिर के गर्भगृह में स्फटिक मणि से निर्मित शिवलिंग स्थापित किया गया है. मंदिर की विशेषता है, निर्माण में लगाए गए पत्थर, इन पत्थरों को छूने या थपथपाने से डमरू की आवाज आती है.

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