कटासराज मंदिर

जहां पाकिस्तान से आए दिन हिंदू मंदिरों को क्षति पहुंचाए जाने की खबरें आती हैं, उसी पाकिस्तान में कटासराज मंदिर पिछले 5000 सालों से स्थित हैं।

क्या आपको पता है किसी इस्लामिक राष्ट्र में हिंदू मंदिर हो सकता है अगर नहीं पता तो जान लीजिए पाकिस्तान में भगवान शिव का एक मंदिर है। जोकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मंदिर 5000 साल पुराना है और भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर महाभारत काल का बताया जाता है। इस भगवान शिव मंदिर का नाम कटासराज मंदिर (Katasraj Temple) है जोकि पाकिस्‍तान के चकवाल जिले से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित है। देखें वीडियो:-

Katasraj Temple Pakistan: इस मंदिर परिसर में 7 से भी ज्‍यादा मंदिर हैं। कटासराज मंदिर का इतिहास भोलेनाथ के आंसू और महाभारत में पांडवों के वनवास से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं 5000 साल पुराने कटासराज मंदिर के बारे में। माना जाता है भगवान शंकर माता सती की याद में इतना रोये थे। कि उनके आंसुओं से दो कुंड निर्मित हो गए थे जिसमें से एक कटारसराज है, जो अब वर्तमानपाकिस्तान में स्थित है। वहीं दूसरा मंदिर राजस्‍थान के पुष्कर में है।जिसे कटाक्ष कुंड कहा जाता है।

कटासराज मंदिर कहा स्थित है?

कटासराज मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में चोव़ा सैदानशाह नामक कस्बा है , वही स्थित है कटासराज मंदिर। यह मंदिर पाकिस्तान के दो बड़े शहरों लाहौर और इस्लामाबाद के बीच के मोटरवे के पास साल्ट रेंज की पहाड़ियों पर है जिसकी ऊंचाई दो हज़ार मीटर के आसपास है।

कटासराज मंदिर का पौराणिक महत्‍व

कटास राज मंदिर को लेकर पौराणिक कथा है। जब माता सती ने अपने पिता राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान करने पर स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया था तब भगवान शिव अत्यंत दुख और अवसाद में चले गए थे। और भगवान विष्णु के द्वारा शांत करवाया गया था।इसके बाद भी भगवान शिव अत्यंत दुखी थे और माता सती के विरह में शिव जी की आँखों से लगातार आंसुओं की धारा बह रही थी।

कटासराज मंदिर का ऐतिहासिक महत्‍व

इसमें बौद्ध शासन और हिंदू शासन के दौरान लगभग 900 साल पहले बने बौद्ध स्तूप, हवेलियां और मंदिर शामिल हैं। इनमें से ज्‍यादातर मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैं और कुछ मंदिर भगवान हनुमान और राम को समर्पित हैं। परिसर के अंदर एक प्राचीन गुरुद्वारा के अवशेष भी हैं। जहां गुरु नानक ने 19वीं शताब्दी में दुनिया भर की यात्रा करते हुए निवास किया था।

इसे भी जरूर ही पढ़िए:-

श्री महाकाल लोक के करें अद्भुत दर्शन, वीडियो देख खुद को आप भी उज्जैन में पाएंगे

%d bloggers like this: