केन्द्र सरकार

केन्द्र सरकार को किसानों ने आखिरकार यह सोचने पर मजबूर कर ही दिया की नए कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा इस आन्दोलन को खत्म करने का आखरी तरीका.

केन्द्र सरकार

आन्दोलनकारी किसानों संग 8 वें दोर की बातचीत के बाद सरकार अब अगला विकल्प ढूंढ रही हैं. आज 4 जनवरी 2021 को केन्द्र सरकार और आन्दोलनकारी किसानों के बीच नए कृषि कानूनों को लेकर 8 वीं बार बैठक हुई. आन्दोलनकारी किसानों और सरकार के बीच 8 वें दोर की बैठक भी ऐसी ही रही जैसे पहले 7 दोर की बैठकें हुई थी. इस बैठक में भी नए कृषि कानूनों के इस मसले को लेकर कोई नतीजा नहीं निकला.

केन्द्र सरकार

आज की बैठक में किसानी संगठनों के नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे. दरअसल किसानों की मांग है की भारत सरकार को नए लागु किए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा. और इसके अलावा सरकार को MSP पर लिखित आश्वासन देना पड़ेगा. तभी किसान सड़कों से हटेंगे और आन्दोलन को समाप्त करेंगे.

इस प्रकार केन्द्र सरकार करने वाली है कानून वापस लेने पर फैसला

आन्दोलनकारी किसानों संग 8 दें दोर की बैठक की विफलता ने सरकार को एक अहम फैसला लेने पर मजबूर कर दिया. यानी की सरकार अब तीनों कृषि बिलों को वापस लेने पर विचार कर रहे हैं. सरकार यह फैसला अपने मंत्रियों से चर्चा करके नहीं लेने वाली हैं. सरकार इसके लिए कुछ पर प्लान कर रही हैं.

आपको बता दें की केन्द्र सरकार नए कृषि कानूनों के फैसले को वापस लेने पर अपने मंत्रीमंडल से नहीं बल्कि बाकि राज्यों के किसानों से बातचीत करने का ऐलान किया हैं. नए कानूनों को लेकर देश के सभी राज्यों के किसानों और बड़े-बड़े किसानी संगठनों से बातचीत के बाद उनकी राय लेने के बाद ही सरकार नए कृषि कानूनों को वापस ले सकती हैं.

केन्द्र सरकार

नए कृषि कानूनों के अलावा अगर MSP की बात करें तो इस पर 8 जनवरी 2021 को होने वाली आन्दोलनकारी किसानों और सरकार के बीच बैठक में फैसला लिया जाएगा.

यह भी पढ़ें :-

जानिए किसान आन्दोलन के पीछे कितने राजनीतिक दलों का हाथ बता रही है भाजपा 

By Sachin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *