डिजिटल हैकिंग

दिल्ली में तकरीबन 100 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन से जुडी बड़ी खबर सामने आई, दरअसल इसके नाम पर आपके मोबाइल और लेप टॉप को हैक किया जा सकता है. जिसे डिजिटल हैकिंग कहा जाता है.

डिजिटल हैकिंग

एक मीडिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली में लगभग 100 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के नाम पर हो रहे बड़े साइबर अटैक का खुलासा हुआ है, इस खुलासे में ये दावा किया गया है की किसान आंदोलन के नाम पर आपके फोन को बंधक बनाया जा सकता है.

डिजिटल हैकिंग का दावा

ऑस्ट्रेलिया की एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी सायबल और एंटी वायरस बनाने वाली भारतीय कंपनी क्विक हील ने मिलकर एक रिसर्च में पाया की किसान आंदोलन के नाम पर आपके फोन को अपने तरीके से बंधक बनाया जा सकता है. आपका डेटा, आपकी प्राइवेसी, आपकी सारी जानकारियों पर कब्ज़ा करने की तैयारी चल रही है.

इस रिसर्च में क्विक हिल ने sarbloh नाम का एक ransomware वायरस की खोज कि है. क्‍विक हील की रिपोर्ट के अनुसार ये वायरस किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ हो सकता है. sarbloh मूल रूप से पंजाबी भाषा का शब्द है, ये शब्द लोहे के बड़े बर्तन जैसे कढ़ाही के लिए प्रयोग किया जाता है. धमकी वाले इस वायरस यानी ransomware को sarbloh का नाम दिया गया है.

डिजिटल हैकिंग से बचने के उपाय

इस प्रकार की डिजिटल हैकिंग से बचने के कई आसान तरीके हैं, अगर आपके मोबाइल अथवा लैपटॉप पर ई-मेल के सहारे ऑनलाइन शॉपिंग से सम्बंधित किसी आकर्षक ऑफर का लिंक आता है तो उस पर क्लिक करने से पहले ई-मेल आईडी को एक बार चेक कर लें कि क्या यह ई-मेल उस कंपनी की आधिकारिक ई-मेल आईडी से आया है या नहीं, यदि नहीं है तो उस लिंक पर क्लिक ना करें.

अपने कम्प्यूटर व लैपटॉप में एंटी वायरस प्रोटेक्‍शन को हमेशा ओन ही रखें एंव उसे बार बार अपडेट करते रहिए और जब आपका इंटरनेट ब्राउसर किसी वेबसाइट को अनसेफ बताता है तो उसे भूल से भी ओपन नहीं करना है.

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