शाहीनबाग़

CAA का विरोध कर रहे लोगों के लिए शाहीनबाग़ में लंगर लगवाने वालों ने अफगानिस्तान में फंसे सिखों को भारत लाने के लिए मोदी से गुहार लगाई.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार तालिबानियों के कारण बेघर हुए अफगानिस्तानी सिखों को सुरक्षित भारत लाने में कामयाब हो चुकी है. बताया जाता है इस कार्य के लिए भारतीय वायु सेना और एयर इंडिया ने मिलकर एक अभियान चलाया था, जिसके तेहत इन सिखों को लाने में सफ़लता प्राप्त हुई. बता दें की पवित्र गुरु ग्रन्थ साहिब की 3 प्रतियां भी भारत सरकार ने ससम्मान भारत मंगाई, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे नई दिल्ली में रिसीव किया.

अफगानिस्तान के एक सिख सांसद नरेंद्र सिंह खालसा भी अपनी सारी संपति को छोड़कर तालिबानियों से डरकर भारत भाग आए हैं. दरअसल अफगानिस्तान पर जब से तालिबान का कब्जा हुआ है तब से वहां बसे हुए दुसरे देशों और दुसरे समुदायों के लोगों का वहां के एयरपोर्ट पर जमावड़ा लगना शुरू हो गया था. इस भीड़ में हजारों भारतीय भी थे, उनके अलावा वहां के स्थानीय सिख भी इसी भीड़ में शमिल होकर हवाई जहाज का इंतजार कर रहे थे. अंत में मोदी सरकार ने सख्त कदम उठाए और अपने लोगों के साथ – साथ वहां के सिखों को भी एयर लिफ्ट करने में कामयाब हुए.

गौरतलब है की जब CAA कानून के विरोध प्रदर्शन शाहीनबाग़ में चल रहा था, तो देश में ही बैठे कुछ बुद्धिजीवीयों ने उस प्रदर्शन का समर्थन किया और प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर भी लगवाई व मोदी सरकार का खूब विरोध किया, लेकिन अब जब अफगानिस्तान से सिखों को एयर लिफ्ट करने की बात आई तो वही लोग मोदी सरकार से उन सभी सिखों की घर वापसी के लिए गुहार लगाने लगे. बता दें की इन्हीं कुछ बुद्धिजीवियों ने किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का भी समर्थन किया था.

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