मनीष सिसोदिया

शराब घोटाले के आरोपी मनीष सिसोदिया के एक झूठ का सीबीआई ने पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया है, उन्होंने अधिकारी की आत्महत्या में अवसर ढूंढा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 144 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में मामले में आरोपित दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एक बार फिर से बेनकाब हो गए हैं। सीबीआई से जुड़े एक अधिकारी द्वारा आत्महत्या के मामले में उनके द्वारा फैलाए गए झूठ का सीबीआई ने पर्दाफाश करते हुए इसे शरारती और भ्रामक करार दिया है।

दरअसल, सिसोदिया ने झूठ फैलाते हुए दावा किया था कि सीबीआई के अधिकारी जितेंद्र कुमार ने केवल इसलिए आत्महत्या कर ली है कि क्योंकि उन पर उन्हें झूठे केस में फंसाने के लिए कहा गया था। इसके जबाव में अब केंद्रीय जाँच एजेंसी ने सिसोदिया के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। जॉंच एजेंसी ने ये स्पष्ट किया, “मृतक जितेंद्र कुमार सीबीआई से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हुए थे। वह सीबीआई में बतौर डिप्टी लीगल एडवाइजर प्रॉसिक्यूशन के इंजार्च थे। जितेंद्र कुमार का काम सीबीआई द्वारा चार्जशीट किए गए केसों की ट्रायल को देखना था।”

क्या था सिसोदिया का पूरा बयान

शराब घोटाले के मामले में आरोपित नंबर-1 सिसोदिया ने जितेंद्र कुमार की आत्महत्या में अपने लिए अवसर देखा। उन्होंने सोचा कि अगर इस मामले को शराब घोटाले से जोड़ देते हैं तो सीबीआई पर भी दबाव बनेगा। यहीं नहीं इसी के बहाने उन्होंने पीएम मोदी को भी घेरने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था, “पीएम मोदी से आज मैं कहना चाहता हूँ यदि आप मुझे फर्जी तरीके से फँसाना चाहते हैं, फँसा लीजिए। रेड करा लीजिए।

लेकिन, अधिकारियों पर इस तरह का दबाव बनाकर उनको सुसाइड के लिए मजबूर मत करिए। उनका घर उजड़ रहा है। आप हर समय यही सोचते रहते हैं कि मैं सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कैसे करूँ और चुनी हुई सरकार को कैसे गिराऊँ।” हालाँकि, जाँच एजेंसी के एक स्टेटमेंट ने उनके इन आरोपों को ध्वस्त कर दिया। उनकी सारी मंशा धरी की धरी रह गई। उल्लेखनीय है कि शराब घोटाले के मामले में सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ जाँच एजेंसी ने केस दर्ज किया है।

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