बाजीराव

हाल ही में महाराष्ट्र के नागपूर में वर्षों पुराने स्लोगन को जनता ने बदल दिया और अब सिंकंदर नहीं, जो जीता वही बाजीराव और तानाजी।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक इसकी जानकारी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडील से मनोज मुंतशिर शुक्ला ने शेयर की। उन्होंने अपने इस ट्वीट में लिखा, “कल शाम नागपुर ने अपने मुहावरे बदल लिए.  जो जीता वही सिकंदर नहीं, जो जीता वही बाजीराव, जो जीता वही तानाजी!  मैं उस दिन का सपना देखता हूँ जब पूरा भारत अपने आक्रमणकारियों का उत्सव मनाना छोड़ देगा और अपने सच्चे राष्ट्रनायकों को शिरोधार्य करेगा!  जय भवानी, जय शिवाजी!”

आपको बताते चलें कि मनोज मुंतशिर शुक्ला (Manoj Muntashir Shukla) ने ये ट्वीट शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) को किया। वहीं अवगत करवा दें कि ये अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। क्योंकि सिकंदर एक विदेशी आक्रांति ही था, जिसने भारत में कोहराम मचा दिया था। तो सालों से इस देश का नागरिक उसके स्लोगन को क्यों याद करे? वहीं अब जनता समझने लगी है। बता दें मराठा योद्धा पेशवा बाजीराव अपने जीवनकाल में एक भी युद्ध नहीं हारे।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर भी इस बात की चर्चा तेज हो गई। लोग मनोज मुंतशिर शुक्ला के समर्थन में खूब ट्विट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “जो लोग “जो जीता वही सिकन्दर” कहते हैं, वो झूठ कहकर मुगलों को महिमामण्डित करते हैं। बाजीराव पेशवा कभी कोई युद्ध नहीं हारे, फिर भी लोग सिकंदर, नेपोलियन का गुणगान करते हैं जो कि पराजित योद्धा थे, इसे ही मानसिक गुलामी कहते हैं।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “कल शाम नागपुर में श्री मनोज मुंतशिर जी ने मुहावरे बदल लिए। अब जो जीता वही सिकंदर नहीं, जो जीता वही बाजीराव, जो जीता वही तानाजी! बहुत शानदार..”

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