ओवैसी

तीन तलाक़ कानून के बनाने के 2 साल बाद केंद्र सरकार ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ मना रही थी, मगर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भड़क उठे.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीन तलाक़ पर बने कानून को 2 साल पुरे होने के बावजूद भी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानि की AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असादुदीन ओवैसी अभी तक इससे नाखुश नगर आ रहे हैं. बता दें की 2 साल पहले 1 अगस्त के दिन भारत की केंद्र द्वारा ट्रिपल तलाक़ बिल पास किया गया था, जिसमें तीन तकाल को कानून अपराध की श्रेणी में रखा गया. इसलिए भाजपा और देश के कई हिस्सों में 1 अगस्त को ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ मनाया जा रहा था.

इस ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भड़क उठे और उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा की “इस कानून से मुस्लिम महिलाओं का और अधिक शोषण होगा और उनकी समस्याओं में इजाफा होगा. इससे जुड़े केवल मामले दर्ज किए जाएंगे और कोई न्याय नहीं दिया जाएगा. मुसलमानों ने इस आधार को स्वीकार नहीं किया है. यह कानून (तीन तलाक) असंवैधानिक है और इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है. यह समानता के खिलाफ है, मुसलमानों को बदनाम करता है”.

बता दें की ओवैसी ने सरकार से पूछा की “क्या मोदी सरकार केवल मुस्लिम महिला (अधिकार) दिवस मनाएगी? हिंदू, दलित और ओबीसी महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में क्या?” इतना ही नहीं बल्कि इसके अलावा ओवैसी ने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी ट्विट कर लिखा की “सरकार आज ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ मना रही है. मोदी मुस्लिम खवातीन से हमदर्दी का ढोंग कर रहे हैं. मोदी जी, 7 साल से मुस्लिम खवातीन अपने अधिकारों के लिए लड़ रही है. इस ‘दिवस’ के बहाने ही सही, आपको इनकी बातें सुननी चाहिए”. इस से पहले इस दिवस की घोषणा करते हुए भारत के केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बयान दिया था की “एक अगस्त को मुस्लिम महिला अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 1 अगस्त 2019 के दिन तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को कानूनी अपराध घोषित किया था”.

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