ओवैसी

यूपी में योगी सरकार ने वक्फ की संपत्तियों के जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, जिस पर अब ओवैसी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में मदरसों के बाद वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जाँच के आदेश पर एआईएमआईएम सांसद असुद्दीन ओवैसी को तीखी मिर्ची लग गई है। उन्होंने योगी सरकार पर मुस्लिमों को टार्गेट करने का आरोप लगाते हुए इसे साजिश करार दिया है। इसके साथ ही ओवैसी ने राज्य सरकार को मंदिरों और मठों की भी जाँच करने की चुनौती दे दी है।

ओवैसी ने योगी सरकार द्वारा  लिए गए फैसले पर नाराजगी जताते हुए शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की चुप्पी पर भी तंज कसा। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के सर्वे को लेकर हमलावर ओवैसी ने योगी सरकार से इसका कारण पूछा और कहा कि राज्य सरकार को हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड की भी जाँच करनी चाहिए। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 300 का उल्लंखन करार दिया। इसके साथ ही एआईएमआईएम सांसद ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड से इस मामले में चुप्पी का कारण पूछा।

क्या है पूरा मामला

इसी मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आदेश जारी किया, जिसमें सभी जिलों के जिलाधिकारियों को एक महीने के अंदर ही राज्य में वक्फ से जुड़ी सभी संपत्तियों का सर्वे कर जाँच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसी के साथ ही सरकार ने साल 1989 में दिए गए शासनादेश को भी रद्द कर दिया। दरअसल, 1989 के आदेश के मुताबिक, ऊँची, बंजर और ऊसर जमीन अपने आप ही वक्फ की संपत्ति के तौर पर दर्ज हो सकती है। इंडियन आर्मी और इंडियन रेलवे के बाद वक्फ बोर्ड देश में तीसरा सबसे बड़ा भू स्वामी है, जिसके पास 8 लाख से भी अधिक जमीन है।

गौरतलब है कि इससे पहले योगी सरकार ने मदरसों के सर्वे को लेकर आदेश जारी किया था, जिसको लेकर भी ओवैसी भड़के हुए थे। उन्होंने राज्य सरकार को मुस्लिमों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। हालाँकि, उत्तर प्रदेश सरकार पर मौजूदा समय में वो कहावत चरितार्थ हो रही है, ‘कुत्ते भौंकते रहते हैं, हाथी अपनी चाल में चलता है।’

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