ज्ञानवापी

इस समय पूरे देश का ध्यान ज्ञानवापी परिसर में हो रहे सर्वे पर टीका हुआ है, लेकिन हमेशा की तरह इस बार ओवैसी को यह बिल्कुल रास नहीं आ रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाराणसी के ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा “ज्ञानवापी मस्जिद थी और इंशाअल्लाह कयामत तक ज्ञानवापी मस्जिद ही रहेगी। जब 19-20-21 साल का था तो बाबरी मस्जिद को हमसे छीन लिया गया, लेकिन अब फिर से 20-21 साल की उम्र के बच्चों के सामने ज्ञानवापी मस्जिद को नहीं खोएँगे।”

आपको बताते चलें की अपने इस बयान का वीडियो भी ओवैसी ने शेयर किया। ओवैसी ने वीडियो में मुस्लिम लोगों को नसीहत दी की वे भी इस बात का निश्चय करें कि किसी मस्जिद को कभी खोएँगे नहीं। इसके बाद उन्होंने भीड़ से हाथ उठवाकर नारा-ए-तकबीर का नारा लगवाया। वहीं ओवैसी ने आगे कहा “इनको पैगाम मिलना चाहिए। मस्जिद को अब हम नहीं खोएँगे। हम तुम्हारे हथकंडों को जान चुके हैं। अब हम उनके दोबारा नहीं डसने देंगे। मस्जिद है और रहेगी।”

गौरतलब है की इसके बाद ओवैसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा “ज्ञानवापी मस्जिद, मस्जिद थी और अल्लाह जब तक दुनिया को कायम रखेगा, मस्जिद रहेगी इंंशाल्लाह और हमारा काम यह है कि हम अपना काम आबाद रखें। हमारा पहला काम अपने मोहल्ले-गाँवों की मस्जिदों की हिफाजत करना है। अगर हम अपने मोहल्ले-गाँवों की मस्जिदों को आबाद रखेंगे, तो ये शैतानी ताकतें, जो ललचाई हुई नजरों से हमको अपने तहजीब से महरूम करना चाहती है, इनको पैगाम मिल जाएगा कि अब दोबारा भारत का मुसलमान मस्जिद खोने को तैयार नहीं है।”

बताया यह भी जा रहा है की ओवैसी के इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने अपनी प्रतिक्रिया दी, ओर उन्होंने कहा की अब इन सबकी कयामत आने वाली है, ये खुद उसको आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे से पहले ये उसका विरोध कर रहे थे और बाधा ड़ाल रहे थे अब सब सच सामने आ गया तो ये हारे हुए कयामत की तरफ मुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी मस्जिद थी, मस्जिद है, मस्जिद रहेगी….इस तरह की बात कर रहे हैं, उसका क्या लाभ है।

वहीं उन्होंने कहा कि ओवैसी सांसद हैं और वे खुद को वकील बताते हैं फिर भी वे इस तरह मुस्लिमों को भड़काने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जब सच सामने आ गया है तो ओवैसी जैसे नेताओं के मुँह पर कालिख पुत गई है। उन्हें देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए कि वे हिंदू समाज की आस्था को चोट पहुँचाने का काम कर रहे थे। इसके बजाय वे मुस्लिमों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

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