पीएम मोदी

पीएम मोदी 17 सितंबर को 72 साल के होने जा रहे हैं, इसी दिन को भाजपा सहित उनके करोड़ों चाहने वाले बहुत खास भी मानते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का बच्चा-बच्चा जानता है। मुझे 2014 में आम चुनावों के दौरान चला वो नारा ‘घर-घर मोदी’ आज भी भली-भांति याद है। बच्चे-बच्चे की जुबान पर मोदी का नाम रहता था। हो भी क्यों न ऐसा उनमें बोलने का गजब का कौशल जो  है। अपनी बातों को कहने और सुनाने में वो इतने माहिर हैं कि सामने वाला मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सकता।

अपनी इसी कम्युनिकेशन स्किल के दम पर पीएम मोदी लोगों तक बड़ी ही आसानी से अपने मैसेज को बड़ी ही आसानी से डिलिवर कर जाते हैं। उनके पहनावे से लेकर उनकी बोलचाल और भाव भंगिमाए एक खास मैसेज देती हैं। देश का प्रधानमंत्री बनने से पहले वो गुजरात के सीएम थे। उन्हें कट्टर हिंदुत्व और हिंदू हृदय सम्राट के तौर पर जाना जाता था। मोदी के विरोधियों का आरोप था कि ऐसा व्यक्ति देश नहीं चला सकता।

लेकिन 2014 में सत्ता में काबिज होने के बाद न केवल उन्होंने विरोधियों, बल्कि वापमंथी सोच वाले मीडिया घरानों के मुंह को बंद कर दिया। पीएम पद पर आसीन रहते हुए भी उन्होंने हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर अपनी पहचान को बनाए रखा। सेक्युलर बनने का उन्होंने दिखावा नहीं किया, लेकिन उस पर कायम सदा रहे। सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ उन्होंने देशहित में ऐसे कई फैसले लिए, जो कि उनके लिए घातक सिद्ध हो सकते थे।

हालाँकि, पीएम मोदी ने न केवल इनसे पार पाया, बल्कि 2019 में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान उनके नेतृत्व में बीजेपी ने उन सभी आशंकाओं को ध्वस्त करते हुए एक बार फिर से सत्ता में पूर्ण बहुमत से वापसी की। इसकी खास वजह पीएम मोदी द्वारा लिए गए वो निर्णय थे, जिसे लेने से पुरानी सरकारों के पैर लड़खड़ा जाते थे। नोटबंदी, जीएसटी से लेकर जम्मू-कश्मीर में एक बूँद खून बहाए बिना अनुच्छेद 370 को खत्म करने जैसा कड़ा फैसला एक मजबूत इरादों वाला शासक ही ले सकता है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चली सरकार के द्वारा लिए गए ताबड़तोड़ कड़े फैसलों से जनता को दिक्कतें तो हुईं, लेकिन वो जनता को ये विश्वास दिलाने में सफल रहे कि ये सभी फैसले उसकी भलाई के लिए हैं। मोदी सरकार ने एक मैसेज दिया कि देश को मजबूर नहीं मजबूत सरकार की जरूरत है। जनता ने उनपर भरोसा भी जताया।

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