विश्व हिंदू परिषद

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ में विश्व हिंदू परिषद ने राज्य सरकार द्वारा जारी इमामों के कोविड भत्ते का विरोध किया तो सरकार ने उस पर रोक लगाई.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ में राज्य सरकार ने ‘हिंदू रिलीजियस एंडोमेंट डिपार्टमेंट के फंड’ से मदरसों और मस्जिदों के इमामों के लिए कोविड रिलीफ के भत्ते जारी कर दिए. बता दें की सरकार ने मुजराई (हिंदू रिलीजियस एंडोमेंट डिपार्टमेंट) के तहत ‘सी’ श्रेणी के मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारियों के साथ-साथ इमामों और मुअज्जिनों को 3 हजार रुपए का राहत पैकेज देने की घोषणा की थी.

जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद के ऐसे फैसले का विरोध किया. इस निर्णय के खिलाफ़ VHP ने कर्नाटक के मुजराई मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने लिखा की “हिंदू मंदिरों और देवस्थानों से प्राप्त धन का उपयोग मंदिरों और हिंदू समुदाय के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए”. वीएचपी ने आगे कहा की “हम राज्य भाजपा सरकार के मस्जिदों और मदरसों के लिए इसका इस्तेमाल करने के फैसले की निंदा करते हैं”. गोरतलब है की विहिप ने कोविड लॉकडाउन से प्रभावित मंदिरों के पुजारियों को मुआवजा देने के सरकार के फैसले का स्वागत भी किया.

बता दें की अब सरकार ने VHP के विरोध के बाद अपना ये निर्णय वापस ले लिया है, इसकी घोषणा खुद मुजराई मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने करी है. उन्होंने एक अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा की “विभिन्न हिंदू संगठनों से प्राप्त अनुरोधों के बाद मैंने अधिकारियों को धार्मिक बंदोबस्ती विभाग से दूसरे धार्मिक संस्थानों को दिए जाने वाले सभी पैकेज को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है”. बताया जा रहा है की राज्य में कुल 764 अन्य धार्मिक संस्थानों को हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती विभाग से फंडिंग की गई थी, जिसे अब रोक दिया जाएगा.

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