राकेश टिकैत

दिल्ली में हुए हिंसात्मक आंदोलन के बाद राकेश टिकैत का कई किसान संगठन विरोध कर रहे हैं, इसी के चलते दो ओर दल आंदोलन से अलग हो गए हैं.

राकेश टिकैत

देश के 72 वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर राजधानी में ट्रेक्टर परेड को पुलिस द्वारा स्वीकृति दी गई, लेकिन दिल्ली एन. आर. सी. में ट्रेक्टर परेड कुछ अलग ही करतब करती दिखी. प्रदर्शनकारी किसानों ने ट्रेक्टर से पुलिस पर हमला किया और उन्हें कुचलने की कौशिश भी की थी.

इसी हिंसात्मक प्रदर्शन के चलते लाल किले पर किसानों ने तिरंगे के बजाए अपना झंडा फेहराया. जिसके बाद देश भर से किसानों का विरोध हो रहा है. लेकिन अब ये विरोध आंदोलन के भीतर भी बढ़ चूका है.

आपको बता दें की राकेश टिकैत को जिम्मेदार बताते हुए कल अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने आंदोलन से अपना नाम पीछे लिया और अब बीकेयू (एकता) व बीकेयू (लोकशक्ति) ने खुद को आंदोलन से अलग रहने का निर्णय ले लिया है.

राकेश टिकैत का किया विरोध

लाल किले पर खुद का झंडा फेहराने के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का विरोध कई किसान संगठनों के नेता कर रहे हैं, इसी कड़ी में दो नय नाम शामिल हो चुके हैं.

किसान संगठन बीकेयू (एकता) के अध्यक्ष हुकम चंद शर्मा और बीकेयू (लोकशक्ति) के अध्यक्ष ठाकुर श्योराज भाटी ने आज केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर से मुलाकात के दौरान टिकैत के आंदोलन करने के तरीकों का विरोध करते हुए इस आंदोलन से अपना नाम पीछे हटाने की घोषणा कर दी.

राकेश टिकैत ने दी फांसी की धमकी

गणतन्त्र दिवस पर हुई हिंसा का दोषी बताते हुए दिल्ली पुलिस ने टिकैत को खुद पर केस दर्ज नहीं होने का कारण मांगा है, पुलिस ने उन्हें एक नोटिस भी दिया.

लेकिन राकेश टिकैत ने खुद को समर्पण से मना कर दिया है और उन्होंने गाजीपुर बोर्डर से भड़काऊ भाषण देते हुए ये ऐलान किया है की “मैं सरेंडर नहीं करूंगा और ये धरना खत्म हुआ तो मैं यहीं पर खुद को फांसी लगा लूंगा”.

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