राहुल गांधी

बीते कुछ सालों में लगभग तमाम राजनीतिक दल हिंदुओं के वोटों के लिए तरह-तरह कर हथकंडे आजमा रहे हैं, इसी क्रम में राहुल गांधी की कॉंग्रेस भी शामिल हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुजरात में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान आलू से सोना बनाने वाले जनेऊधारी पंडित राहुल गाँधी की सॉफ्ट हिंदुत्व वाली रणनीति का भांडा फूट गया है। इंडिया टुडे की पत्रकार मौसमी सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो इस बात का खुलासा करती हैं कि गुजरात में राहुल गाँधी का रोड शो था, लेकिन उस दौरान कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी के रोड शो मुस्लिम इलाके से नहीं निकाला, नहीं तो टोपी वाले दिख जाते।

पत्रकार ने गुजरात इलेक्शन के दौरान कॉन्ग्रेस की सॉफ्ट हिंदुत्व वाली राजनीति को लेकर कहा कि पार्टी उस दौरान हिंदू वोट लेने के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल रही थी। मौसमी कहती हैं, “उनके (राहुल गाँधी के) रोड शो को डायवर्ट किया गया, उसे मुस्लिम बहुल इलाके से नहीं गुजारा गया। क्योंकि यह पहले से ही तय किया गया था कि राहुल गाँधी का अभी हिंदुत्व वाला प्रोग्राम चल रहा है, ऐसे में मुस्लिम बहुल क्षेत्र से जाएँगे तो टोपी वाले नजर आ जाएँगे।”

गुजरात में कॉन्ग्रेस के लिए रणनीति बनाने का काम राहुल गाँधी की सुरक्षा टीम में शामिल रहे केबी बायजू ने तैयार की थी। बायजू स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के कमांडो थे। लेकिन पार्टी में जैसे ही राहुल गाँधी महासचिव बने तो उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ कॉन्ग्रेस का पूर्ण रूप से दामन थाम लिया। बायजू ने ही ये प्लान तैयार किया था कि कॉन्ग्रेस को सॉफ्ट हिंदुत्व पर चलना है तो मुस्लिम बहुल इलाकों में जाने से बचना होगा।

वैसे तो बायजू के पास कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन राहुल गाँधी का करीबी होने के कारण पार्टी में उनका कद काफी बड़ा हो गया है। हाल ही में जब गुलाम नबी आजाद ने पार्टी से इस्तीफा दिया था तो उन्होंने सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए बायजू का जिक्र किया था। कॉन्ग्रेस में फैसले तो राहुल गाँधी के ‘सिक्योरिटी गार्ड और निजी सहायक’लेते हैं और सोनिया गाँधी अब नाम की अध्यक्ष रह गईं।

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