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विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में हुई हिंसा को RSS ने सुनियोजित बताया, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने वीभत्स हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा की हैं.

शुक्रवार 7 मई को विश्व के सबसे बड़े संगठन यानि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने RSS की ओर से वीडियो के जरीय बयान जारी किया, जिसमें वे पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की कड़े शब्दों में नींदा करते हैं और उसे असामाजिक तत्वों द्वारा की गई सुनियोजित हिंसा भी बताते हैं.

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा की “चुनावों में स्वाभाविक ही पक्ष व विपक्ष, आरोप व प्रत्यारोप कभी-कभी भावावेश में मर्यादाओं को भी पार कर देता है पर हमें यह सदैव स्मरण रखना होगा कि सभी दल अपने ही देश के दल हैं और चुनावों की प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्याशी, समर्थक, मतदाता सभी अपने ही देश के नागरिक हैं”.

उन्होंने बंगाल हिंसा को सुनियोजित बताते हुए कहा की “चुनाव परिणाम के तुरंत बाद उन्मुक्त होकर अनियंत्रित तरीक़े से हुई राज्यव्यापी हिंसा न केवल निंदनीय है, बल्कि पूर्व नियोजित भी है, समाज में विघातक शक्तियों ने महिलाओं के साथ घृणास्पद बर्बर व्यवहार किया, निर्दोष लोगों की क्रूरतापूर्ण हत्याएँ कीं, घरों को जलाया, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों-दुकानों को लूटा एवं हिंसा के फलस्वरूप अनुसूचित जाति व जनजाति समाज के बंधुओं सहित हज़ारों लोग अपने घरों से बेघर होकर प्राण व मान रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण के लिए मजबूर हुए हैं, कूच बिहार से लेकर सुंदरबन तक सर्वत्र जन सामान्य में भय का वातावरण बना हुआ है”.

दत्तात्रेय होसबले ने स्पष्ट कहा की “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वीभत्स हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करता है, हमारा यह सुविचारित मत है कि चुनाव परिणामों के पश्चात अनियंत्रित चल रही हिंसा भारत की सह अस्तित्व और सबके मतों का सम्मान करने की परंपरा के साथ-साथ भारतीय संविधान में अंकित एक जन और लोकतंत्र की मूल भावना के भी विपरीत है”.

RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा की “इस पाशविक हिंसा का सर्वाधिक दुखद पक्ष यह है कि शासन और प्रशासन की भूमिका केवल मूक दर्शक की ही दिखाई दे रही है, दंगाइयों को ना ही कोई डर दिखाई दे रहा है और ना ही शासन-प्रशासन की ओर से नियंत्रण की कोई प्रभावी पहल दिखाई दे रही है”.

इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा की “हम केंद्र सरकार से भी आग्रह करते है कि वह बंगाल में शान्ति क़ायम करने हेतु आवश्यक हर सम्भव कदम उठाए एवं यह सुनिश्चित करे कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्रवाई करे”. उन्होंने यह भी कहा की “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज के सभी प्रबुद्ध जनों, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक नेतृत्व का भी आहवान करता है कि इस संकट की घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हो कर विश्वास का वातावरण बनाएं व हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करें एवं समाज में सद्भाव और शांति व भाईचारे का वातावरण खड़ा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें”.

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By Sachin

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